तेलंगाना (Tribes of Telangana) के नागरकर्नूल ज़िले में चेंचू आदिवासी समुदाय की एक महिला के साथ 12 दिनों तक मार-पिटाई (Tribal women tortured) करने का मामला सामने आया है.
पीड़ित महिला की उम्र 27 वर्ष है और उसके तीन बच्चे हैं. इस घटना में हैरान करने वाली बात ये है की पीड़िता का उसके ही परिवार के सदस्यों ने अपहरण किया था.
इसके साथ ही पीड़िता के वहां काम करने वाला किसान भी इस घटना में शामिल था. पीड़िता को 8 जून से एक कमरे में बंद किया गया था.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता को इसलिए मारा-पिटा जा रहा था. क्योंकि उसने परिवारिक विवाद के कारण खेत में काम करने से मना कर दिया था.
पुलिस को इस घटना की जानकारी महिला के आस पड़ोस में रहने वाले लोगों ने दी थी. जिसके बाद शुक्रवार के दिन पुलिस ने महिला को बचाया और इस घटना में शामिल चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महिला की बहन ने प्राइवेट बॉडी पार्ट को जलाया और महिला के साथ मार-पिटाई की.
यहां तक की आरोपियों ने महिला के कपड़े भी उतार दिए, ताकि वह घटनास्थल से कहीं भी बच कर ना जा पाए.
इसके अलावा वे उसे रोज़ लाठियों से मारते और शरीर पर तेल में मिला हुआ मिर्च पाउडर लगाते.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित महिला और उसकी बहन के बीच एक पारिवारिक मुद्दे पर लंबे समय से विवाद चल रहा था.
दरअसल महिला के परिवार ने अपनी भूमि इस घटना में शामिल एक आरोपी, किराये पर रखा गया किसान, वेंकटेश को पट्टे पर दी थी.
पीड़ित महिला और उसके पति इस भूमि पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में खेती-किसानी करते थे. लेकिन पिछले कुछ दिनों से आपसी मदभेद के चलते महिला ने काम करने से इनकार कर दिया.
जिसके बाद महिला पर काम करने के लिए दबाव बनाया गया. इस दबाव की वज़ह से वो घर छोड़कर पास के गाँव में चली गई.
पीड़ित महिला के घर छोड़े जाने पर वेंकटेश ने महिला को ढूंढना शुरू कर दिया. जैसे ही महिला मिली, सभी ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया.
पीड़ित महिला के पति, वेंकटेश और उसकी पत्नी और पीड़ित महिला की बड़ी बहन उसे 12 दिनों तक मारते-पिटते रहें.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला की गारिमा को ठेस पहुंचाने, हत्या के प्रयास और एससी और एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
आदिवासी महिला का अभी अस्पताल में इलाज़ चल रहा है और वह अभी खतरे से बाहर बताई जा रही है.
आदिवासी महिला का इलाज़ कर रहे एक डॉक्टर ने बताया की वह अभी सदमें में है और उन्हें कुछ आंतरिक चोटें भी आई है.
इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, बंदी संजय ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा की यह घटना काफी शर्मनाक है. राज्य सरकार और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ इतनी कड़ी सज़ा देनी चाहिए की कभी कोई दूसरा ऐसा करने के बारे में सोच भी ना सके.

