Site icon Mainbhibharat

जारवाओं का न्याय या आदिम आक्रमकता: 2006 की ख़ौफ़नाक घटना

अगस्त 2006 की बात है एक दिन सुबह सुबह 12 लड़के शैल बे तट से जारवा रिजर्व फॉरेस्ट में दाखिल हो गए. इन लड़कों के पास शिकार करने के लिए कुछ हथियार और पीने के लिए पानी था.

ये लड़के धीरे धीरे समुद्री किनारे से दाखिल हो कर उस दिशा में आगे बढ़ रहे थे जहां जंगल बहुत घना हो जाता है. लेकिन तभी अचानक इन लड़कों को 8 जारवा आदिवासियों ने घेर लिया.

इस घटना को किसी ने सनसनीखेज़ कहा तो किसी ने इसे विचित्र बताया था. यह एक ऐसा कांड था जिसे जो भी सुनेगा उसकी रूह कांप जाएगी.

इसके साथ ही इस घटना ने जारवा जनजाति के साथ दोस्ती के बरसों के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया. आज ‘मैं भी भारत’ पर हम इस घटना की तह तक जाएंगे और समझेंगे कि आखिर जारवा समुदाय ने इन 12 लड़कों के साथ क्या किया और उसके ज़रिए जारवा जनजाति के लोग बाहरी दुनिया को क्या संदेश देना चाहता था?

Exit mobile version