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राजस्थान में आदिवासी महिला के कपड़े उतारे गए और मारपीट की गई, 7 लोग गिरफ्तार

राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले में एक 40 साल की आदिवासी महिला के साथ मारपीट की गई और सड़क पर उसके कपड़े उतार दिए गए. साथ ही, उसका सिर भी मुंडवा दिया गया.

आरोप है कि उसके परिवार वालों ने ही ऐसा किया क्योंकि उन्हें “उसके चरित्र पर शक” था.

यह घटना 1 सितंबर को हुई थी. गुरुवार को इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें महिला के साथ मारपीट और उसके कपड़े उतारे जाते हुए दिख रहे हैं. यह काम दूसरी महिलाओं ने किया, जबकि आस-पास मौजूद कुछ लोग हंसते और वीडियो बनाते हुए देखे गए.

पति को महिला के चरित्र पर शक

बांसवाड़ा के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (DSP) बाबू लाल रेगर ने बताया कि पुलिस ने महिला के पति और अन्य रिश्तेदारों समेत सात लोगों को गिरफ़्तार किया है.

खबरों के मुताबिक, महिला के पति और अन्य लोगों ने पहले उसे ग्रामीणों के बीच सड़क पर नंगे पैर चलाया. बाद में कई लोगों ने उसका सिर मुंडवा दिया और उसके साथ मारपीट की.

एक वीडियो में महिलाएं उसके कपड़े खींचती और फाड़ती हुई दिख रही हैं और उसे डंडों से पीट रही हैं, जबकि बच्चे समेत अन्य लोग यह सब देख रहे हैं.

DSP रेगर ने कहा कि वे वीडियो की जांच कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “वीडियो 3 सितंबर को वायरल हुआ था, लेकिन FIR 1 सितंबर को ही दर्ज कर ली गई थी. महिला और उसके पति के बीच अनबन थी. हमने उसे और छह अन्य रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है.”

अर्थूना स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) विनोद कुमार मीणा ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह मज़दूरी करने के लिए पड़ोसी राज्य जाती है. दस दिन पहले भी वह संबंधित ठेकेदार के पास गई थी. लेकिन उसके पति को उसके चरित्र पर शक था, वह उसे वापस ले आया और फिर (1 सितंबर को) उसके साथ मारपीट की.

FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज की गई है जो महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से मारपीट या आपराधिक बल का प्रयोग; महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से मारपीट या आपराधिक बल का प्रयोग; महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द, इशारा या हरकत; गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना; जान-बूझकर चोट पहुँचाना; और IT एक्ट की धाराओं से संबंधित हैं.

अधिकारियों ने बताया कि महिला की मेडिकल जांच की गई है और गिरफ्तार किए गए सात लोगों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.

राजस्थान के लिए शर्म की बात: कांग्रेस नेता

इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, “बांसवाड़ा की घटना, जो राजस्थान के लिए शर्म की बात है, इंसानियत, महिलाओं के सम्मान और कानून-व्यवस्था के सभी दावों की धज्जियां उड़ा रही है.”

उन्होंने आरोप लगाया, “बीजेपी सरकार, जो ‘बेटी बचाओ’ और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े विज्ञापनों से अपनी छवि चमकाती है, उसके राज में पुलिस का रवैया इतना असंवेदनशील हो गया है कि SHO ‘ठोस सबूत’ का बहाना बनाकर तीन दिनों तक इस अत्याचार को दबाए बैठा रहा. राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है.”

हालांकि, ज़िला पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की बात से इनकार किया है और कहा है कि घटना वाले दिन ही FIR दर्ज कर ली गई थी.

डोटासरा ने कहा, “सरकार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित महिला को न्याय दिलाना सुनिश्चित करना चाहिए.”

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