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यूपी में योगी सरकार सभी आदिवासियों को पक्का मकान देगी

उत्तर प्रदेश की सरकार का दावा है कि हर आदिवासी परिवार के सिर पर जल्द ही पक्की छत होगी. आदिवासियों का पक्के मकान का सपना जल्दी ही पूरा होगा.  सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उन सभी परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं जो अब तक विभिन्न योजनाओं से वंचित होते आ रहे हैं. 

वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 9800 आवास बनाए जाएंगे,. इसमें सर्वाधिक 5280 आवास आदिवासी बैगा और चेरो जनजाति के लिए हैं.

यूपी सरकार की एक विज्ञप्ति में बताया गाय है कि गरीबों को पक्की छत देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन हो रहा है. इसमें लाभार्थियों का चयन वर्ष 2011 की सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर तैयार सूची से किया गया है. 

यह शिकायत थी कि बड़ी संख्या में लोग इस सूची में शामिल होने से वंचित थे. इस योजना से  छूटे हुए लोगों को लाभान्वित करने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की है. 

पहले इसमें प्राकृतिक आपदा से ग्रसित, कालाजार, जेई-इंसेफेलाइटिस से प्रभावित और वनटांगिया समाज के लोगों को ही इस योजना में रखा गया था. बाद में इसका विस्तार करते हुए कोल, चेरो, बैगा सहित अन्य जनजातियों को भी जोड़ा गया. 

देश के ज़्यादती आदिवासी गाँवों में हमने लोगों को कच्चे मकानों या झोपड़ों में ही रहते देखा है

आदिवासी बहुल जिले में बड़ी संख्या में लोग अब भी आवास की सुविधा से वंचित हैं. पिछले दिनों डीएम ने दुद्धी तहसील क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान झुग्गी-झोपड़ी में रहते परिवारों को देखकर चिंता जताई थी. उन्हें आवास देने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा गया था.

अब शासन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य आवंटित कर दिया है. इस बार 9800 आवास बनाने का लक्ष्य जिले को मिला है. खास बात यह कि आवेदन करने वाले सभी परिवारों को इस लक्ष्य में शामिल कर लिया गया है. 

यह दावा किया गया है कि इस योजना के तहत आवेदन करने वाला कोई भी परिवार अब पक्की छत के लाभ से वंचित नहीं रहेगा. इस योजना के तहत चयनित परिवारों में बैगा और चेरो जनजाति के परिवारों की बड़ी संख्या है. 

चेरो जनजाति के 3757 और बैगा जनजाति के 1523 आवास स्वीकृत किए गए हैं. अन्य लाभार्थियों में कोल, मुसहर, कुष्ठ रोग, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार शामिल हैं. आवास बनाने के लिए लाभार्थियों को खाते में शीघ्र ही पहली किश्त भेजी जाएगी. 

इस सत्र में 9800 नए आवास बनाने का लक्ष्य मिला है. जितने भी आवेदन आए थे, लगभग सभी को स्वीकृति मिल गई है. सबसे ज्यादा चेरो और बैगा जनजाति के लिए आवास मंजूर हुए हैं. 

शीघ्र ही चयनित परिवारों को पैसा दिया जाएगा जिससे की मकान बनाने का काम शुरू हो सके.  इस योजना के तहत किस्तों में पैसा दिया जाएगा. यूपी सरकार की यह योजना बेशक स्वागत योग्य है.

इस योजना के तहत किए गए दावों पर हमारी नज़र रहेगी. लेकिन इस दावे में एक बात तो साफ़ है कि यूपी सरकार को पता है कि अभी राज्य में आदिवासी आबादी में से अधिकतर अलग अलग वजह से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं.

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