छत्तीसगढ़ी सुवा नाच में सिर पर ढिढीया का बैलेंस और गति आपको चकित कर देगें

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पौष महीने की पूर्णिमा को छत्तीसगढ़ के आदिवासी पूरी रात नाचते गाते हैं. दरअसल इस दिन इनका छेरछेरा त्योहार होता है. इस त्योहार से 15 दिन पहले ही महिलाएँ नाचना गाना शुरू कर देती हैं.

मैं भी भारत की टीम छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में थी. इस दौरान हमें पता चला कि छेरछेरा त्योहार की तैयारी शुरू हो चुकी है. यहाँ के लाफा नाम के गाँव में हमने इन तैयारियों को देखा और रिकॉर्ड किया.

इस गाँव में कंवर, तंवर और गोंड आदिवासी रहते हैं. आप भी इस नाच का आनंद लीजिए.

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