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राष्ट्रपति के उपहारों की ई-नीलामी में नागा भाला और माओ आदिवासी कला शामिल

ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली 100 प्रतिशत राशि दो महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण पहलों पर खर्च की जाएगी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) को मिले 300 उपहारों की ई-नीलामी बुधवार से शुरू हो गई है.

यह नीलामी ‘ई-उपहार’ के तीसरे संस्करण का हिस्सा है. यह एक अनूठी पहल है, जिसके तहत राष्ट्रपति को औपचारिक अवसरों पर प्राप्त उपहारों को सामाजिक कल्याण के लिए संसाधनों में बदला जाता है.

राष्ट्रपति भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीसरे संस्करण में राष्ट्रपति को प्राप्त 300 प्रमाणित उपहार शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध कलात्मक परंपराओं, हस्तशिल्प और कूटनीतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं.

ई-निलामी नागा भाला में शामिल

इन्हीं उपहारों में नागालैंड की समृद्ध आदिवासी विरासत और योद्धा परंपराओं को जगह मिली है. इसमें राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाली दो खास कलाकृतियां नीलामी के लिए रखी गई हैं.

नागालैंड से जुड़ी सबसे खास चीजों में एक पारंपरिक नागा भाला (Naga spear) शामिल है. कैटलॉग में इसे पूर्वोत्तर भारत और म्यांमार की योद्धा नागा जनजातियों की “वीरता, संस्कृति और प्रतिष्ठा” का प्रतीक बताया गया है. नागा भाले की शुरुआती बोली 50,000 रुपये है.

कैटलॉग के अनुसार, यह भाला, जिसमें लकड़ी के मजबूत डंडे पर लोहे या स्टील का लंबा, पत्ते के आकार का ब्लेड लगा होता है. अब सिर्फ़ एक हथियार नहीं रह गया है. आज इसका इस्तेमाल पारंपरिक नृत्यों, त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रमुखता से किया जाता है और यह नागा पहचान और विरासत का एक स्थायी प्रतीक बन गया है.

माओ आदिवासी जोड़े की पेंटिंग (Mao tribal art) भी शामिल

एक और खास चीज़ पारंपरिक कपड़ों में माओ आदिवासी जोड़े की पेंटिंग है, जो नागालैंड के मूल समुदायों में से एक की सांस्कृतिक समृद्धि का जश्न मनाती है.

इस कलाकृति में जोड़े को हरे-भरे पहाड़ों की पृष्ठभूमि में दिखाया गया है, जो पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है.

पुरुष को रंग-बिरंगे मोतियों के गहनों, खास सिर की सजावट और पारंपरिक हथियार के साथ पारंपरिक माओ पोशाक पहने हुए दिखाया गया है. जबकि महिला को पारंपरिक शॉल ओढ़े, मोतियों की माला पहने और हाथ से बने बर्तन लिए हुए दिखाया गया है. इसकी शुरुआती बोली 12,000 रुपये है.

कैटलॉग के अनुसार, पेंटिंग में माओ समुदाय की लोक परंपराओं, खास वेशभूषा, गहनों और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दिखाने के लिए रंग, रोशनी और बारीक विवरणों का इस्तेमाल किया गया है.

ये दोनों कलाकृतियां मिलकर नागालैंड की विरासत के दो अहम पहलुओं को दिखाती हैं. एक तो मशहूर योद्धा परंपराएं और दूसरा आदिवासी समुदायों का जीवंत सांस्कृतिक जीवन.

‘ई-उपहार’ पहल के तहत शुरू किए गए राष्ट्रपति उपहार संग्रह का मकसद औपचारिक उपहारों को जनहित के साधनों में बदलना है. नीलामी से प्राप्त होने वाली 100 प्रतिशत राशि दो महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण पहलों पर खर्च की जाएगी.

राष्ट्रपति भवन का कहना है कि नीलामी में शामिल हर चीज़ किसी जगह, समुदाय या परंपरा की कहानी बताती है, और नीलामी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल देश भर में कल्याणकारी कामों के लिए किया जाएगा.

नीलामी सूची में राष्ट्रपति मुर्मू को विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, संवैधानिक पदाधिकारियों, राज्य सरकारों, मंत्रालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और विशिष्ट हस्तियों द्वारा भेंट किए गए उपहार शामिल हैं.

अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक उपहार की पेशेवर तरीके से पहचान की गई है, उसका डॉक्यूमेंटेशन, फोटोग्राफी और लिस्टिंग की गई है ताकि उसकी प्रामाणिकता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके.

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