मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार – बाला बच्चन

कांग्रेस नेता ने शिवराज सिंह चौहान की चुनावी यात्रा और आदिवासी संवाद को महज एक नौटंकी बताते हुए कहा कि शिवराज चौहान को आगामी उपचुनावों के दौरान जोबट की जनता से समर्थन मांगने के बजाय कोरोना कुप्रबंधन के लिए माफी मांगने को कहा.

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मध्य प्रदेश में हो रहे तीन विधानसभा क्षेत्रों और एक लोकसभा के उपचुनाव का प्रचार का रंग गहरा रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री बाला बच्चन ने अलीराजपुर के कलेक्टर मनोज पुष्प और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इन दो अधिकारियों के रहते जोबट में स्वतंत्र और निष्पक्ष उपचुनाव की उम्मीद नहीं है.

जोबट उपचुनाव में प्रचार के लिए पहुंचे बाला बच्चन ने बीजेपी और शिवराज सिंह चौहान को जमकर आड़े हाथ लिया है. बच्चन ने शिवराज की जनदर्शन यात्रा को नौटंकी करार दिया है साथ ही आदिवासी समुदाय से वोट की जगह मांफी मांगने की सलाह दी है.  

कांग्रेस नेता ने शिवराज सिंह चौहान की चुनावी यात्रा और आदिवासी संवाद को महज एक नौटंकी बताते हुए कहा कि शिवराज चौहान को आगामी उपचुनावों के दौरान जोबट की जनता से समर्थन मांगने के बजाय कोरोना कुप्रबंधन के लिए माफी मांगने को कहा.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासियों के बीच भ्रम फैलाना बंद करने करे. साथ ही पिछले 17 वर्षों में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में अपराधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की इसका विवरण साझा करे.

बच्चन ने कहा कि जिस प्रकार खरीद फरोख्त करके मध्य प्रदेश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई कमलनाथ सरकार को गिराया गया, उसके बाद से लगातार राज्य में आदिवासियों के उत्पीड़न और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार में बढ़ोतरी हुई है.

बच्चन ने एनसीआरबी के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में 7230 नाबालिग बच्चियां गायब है और नाबालिग बच्चियों के साथ हुए अत्याचार में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2020 की रिपोर्ट कहती है कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 2,401 केस दर्ज हुए हैं. बीते 3 साल से प्रदेश इन अपराधों में पहले पायदान पर ही है.

बाला बच्चन ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की बैठक में जिस तरह से प्रशासन पूरे जिले की चिंता छोड़कर सक्रिय दिखाई दी वो बेहद निंदनीय है. उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों की तैनाती और जिला प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये पर भी सवाल उठाए हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जोबट के निर्दोष लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कल मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि कांग्रेस ने पिछले 70 वर्षों में क्या किया और दूसरी ओर उनकी ही पार्टी की उम्मीदवार सुलोचना रावत ने अपने संबोधन में कहा कि उनके ससुर इस क्षेत्र से कई बार विधायक रहे हैं और हमारे परिवार का विकास हुआ है. यहां रावत के बयान ने मुख्यमंत्री को गलत साबित कर दिया.

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