HomeAdivasi Dailyतेलंगाना: पोडु भूमि पर आदिवासियों के दावों का निपटारा जल्द

तेलंगाना: पोडु भूमि पर आदिवासियों के दावों का निपटारा जल्द

पोडु भूमि विवाद के समाधान के लिए सभी ज़िलों में विधायकों की अध्यक्षता में समितियों का गठन भी किया जाएगा, और संबंधित विधायकों पर पारदर्शी तरीक़े से लाभार्थियों के चयन की ज़िम्मेदारी होगी.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा है कि राज्य सरकार अक्टूबर के तीसरे हफ़्ते से पोडु भूमि के आवंटन के दावों का निपटारा करना शुरू करेगी.

इस घोषणा से सरकार ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वो आदिवासियों द्वारा पोडु भूमि के लिए चल रहे संघर्ष को जल्द ख़त्म करना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी योग्य लोगों से दावा मांगेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उसके पास उपलब्ध भूमि आदिवासियों को दी जाए.

पोडु भूमि विवाद के समाधान के लिए सभी ज़िलों में विधायकों की अध्यक्षता में समितियों का गठन भी किया जाएगा, और संबंधित विधायकों पर पारदर्शी तरीक़े से लाभार्थियों के चयन की ज़िम्मेदारी होगी.

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पोडु भूमि पर चर्चा का जबाव दिया

दलित बंधु पर मंगलवार को विधानसभा में संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया में वन भूमि के अतिक्रमण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. केंद्र सरकार की अनुमति के बिना राज्य सरकार अपने दायरे में आने वाली कुछ ही भूमि आवंटित कर सकती है.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि जंगलों को नुकसान न पहुंचे. जंगलों की सुरक्षा के लिए ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया जाने की बात की गई, और लाभार्थियों पर ज़िम्मेदारी होगी कि वो अपनी गतिविधियों को एक सीमांकित इलाक़े से आगे न बढ़ाएं.

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही राज्य भर में सभी दलित और आदिवासी बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्यक्रम शुरू करेगी. अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभागों को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है.

सभी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए फ़ंड निर्धारित किया जाएगा, और इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा.

राव ने यह भी बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नई क्षेत्रीय प्रणाली के तहत सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 95% आरक्षण लागू करने की अनुमति देने के लिए राज़ी कर लिया है. अब गांव, मंडल और ज़िला स्तर पर स्टाफ़िंग पैटर्न निर्धारित कर नई ज़ोनल प्रणाली के आधार पर भर्तियां शुरु की जाएंगी.

इस प्रक्रिया के दो महीने में पूरी होने की संभावना है. स्थानीय स्तर पर 70,000 से 80,000 नौकरियों बनने की गुंजाइश है. सरकार ने अब तक 1.51 लाख नौकरियां अधिसूचित की हैं, जिनमें से 1.32 लाख पदों पर भर्तियां की गई हैं.

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