छत्तीसगढ़: आदिवासी छात्रों से अपने खेतों में मजदूरी करवा रहे हॉस्टल अधीक्षक

आदिवासी विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुआकोंडा ब्लॉक के पालनार गांव के बालक आश्रम के प्रभारी अधीक्षक के पद पर तैनात सहायक शिक्षक लिंगा राम मरकाम कथित तौर पर छात्रों को श्रम कार्य के लिए समेली गांव में अपने खेत में ले गया था.

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्कूली सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. दरअसल आदिवासी इलाकों में आवासीय विद्यालय के नाम से सरकारी स्कूल संचालित किए जाते हैं. जिनमें हॉस्टल की सुविधा भी होती है.

ऐसे में दंतेवाड़ा जिले के आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से विद्यालय के अधीक्षक के खेतों में धान कटवाई की जा रही है. विद्यालय अधीक्षक खुद के खेत में छात्रों से धान कटवा रहा है. इस मामले का वीडियो भी सामने आया है. मामले के खुलासे के बाद प्रशासन ने अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया है.

एक अधिकारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में छात्रों के लिए एक सरकारी आवासीय विद्यालय के एक अधीक्षक को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया था. जब उसने कथित तौर पर कुछ छात्रों से अपने धान के खेत में काम करवाया था.

सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की गई, जिसमें एक दर्जन से अधिक बच्चों को एक खेत में कुछ मजदूरों के साथ धान की कटाई करते देखा जा सकता है.

आदिवासी विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुआकोंडा ब्लॉक के पालनार गांव के बालक आश्रम के प्रभारी अधीक्षक के पद पर तैनात सहायक शिक्षक लिंगा राम मरकाम कथित तौर पर छात्रों को श्रम कार्य के लिए समेली गांव में अपने खेत में ले गया था.

उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय के हॉस्टल का प्रबंधन आदिवासी विकास विभाग द्वारा किया जाता है, जबकि स्कूल का संचालन स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है.

उन्होंने कहा, “क्षेत्र में काम कर रहे छात्रों का एक वीडियो सामने आने के बाद विभाग के स्थानीय अधिकारियों को मामले की जांच करने के लिए कहा गया था. प्रथम दृष्टया, मरकाम को लापरवाही का दोषी पाया गया और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.”

प्रारंभिक सूचना के मुताबिक अधीक्षक रविवार को बच्चों को अपने खेत में काम पर ले गए थे. उन्होंने कहा कि आगे की जांच चल रही है.

वहीं इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं.

दंतेवाड़ा के मामले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सरकार हर क्षेत्र में खुद को नंबर वन बताने का ढोल पीटती है लेकिन सच्चाई कुछ और है. जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वहीं शोषण करने में लगे हुए हैं. सरकार दावा करती है कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आई है. ये किस तरह की क्रांति है कि बच्चा सामान्य पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा है.

इस पर कांग्रेस ने बीजेपी को ही निशाने पर ले लिया है और बीजेपी और आरएसएस पर पूरे मामले का ठीकरा फोड़ दिया है. कांग्रेस का कहना है कि हॉस्टल अधीक्षक की पत्नी भाजपा से जिला पंचायत सदस्य है.

सत्ता में 15 साल रहते हुए बीजेपी ने आदिवासियों का शोषण किया है और अब भी बीजेपी से जुड़े लोगों की यही मानसिकता बनी हुई है. लेकिन कांग्रेस के शासन में ऐसा नहीं होगा. आरोपी अधीक्षक पर तत्काल कार्रवाई की गई है और आगे ऐसी स्थिति ना बने, ये भी सुनिश्चित किया जाएगा. 

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