‘सुभिक्षा केरलम-सुंदर बाल्यम’ यानि पौष्टिक खाना आदिवासी बच्चों के घर पहुँचाया जाएगा

इस परियोजना को 'सुभिक्षा केरलम-सुंदर बाल्यम' योजना के तहत लागू किया जा रहा है.

0
65

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आदिवासी बच्चों को पौष्टिक भोजन मिले, केरल की रान्नी ब्लॉक पंचायत बच्चों को उनके दरवाजे पर पका हुआ भोजन उपलब्ध कराएगी.

पंचायत अध्यक्ष केएस गोपी के मुताबिक परियोजना के तहत, लाहा, चलक्कायम और पंपा इलाकों के आदिवासी बच्चों को भोजन दिया जाएगा. इन जगहों पर कम से कम 30 आदिवासी बस्तियाँ हैं. 

आदिवासी विस्तार अधिकारी परियोजना को अंजाम देंगे. परियोजना को पेरुनाड ग्राम पंचायत के सहयोग से पूरा किया जाएगा. इसके लिए पंचायत ने 10 लाख रुपये अलग रखे हैं, जबकि पेरुनाड पंचायत 3 लाख रुपये खर्च करेगी.

इस परियोजना को ‘सुभिक्षा केरलम-सुंदर बाल्यम’ योजना के तहत लागू किया जा रहा है. 

इसी महीने शुरू हुई परियोजना का अंजाम देने के लिए स्वयंसेवी संगठनों की मदद ली जा रही है. यह संगठन भोजन वितरण का काम संभालेंगे. बच्चों को भोजन दिन में दो बार, दोपहर और रात, दिया जाएगा.

इसके अलावा यह परियोजना लाहा में मंजतोडु आदिवासी बस्ती में भी शुरू होगी. पेरुनाड पंचायत के लाहा और मंजतोडु में 100 से ज्यादा आदिवासी परिवार रहते हैं. यह परिवार मलमपंडारम आदिवासी समुदाय के हैं. 

रान्नी ब्लॉक पंचायत के तहत नौ ग्राम पंचायत हैं. आदिवासी आबादी मुख्य रूप से सीतातोडु, पेरुनाड और वेचूचिरा ग्राम पंचायतों में रहती है. ब्लॉक पंचायत ने इस परियोजना को और ज्यादा इलाकों में चरणों में विस्तारित करने की योजना बनाई है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here