इरुला लड़का बना आईआईटी से एमटेक करने वाला अपने ज़िले का पहला आदिवासी छात्र

कृष्णदास ने मैन्युफैक्चरिंग और मैटेरियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रैजुएट की डिग्री हासिल की है. 2020 में, कृष्णदास ने GATE पास किया था, और IIT-पालक्काड में MTech के लिए दाखिला लिया.

0
62

केरल के पालक्काड ज़िले के सबसे बड़ी आदिवासी आबादी वाले इलाक़े अट्टपाड़ी में कोट्टतरा के सुदूर कालकंदियूर आदिवासी गांव के एक आदिवासी छात्र एम कृष्णदास ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कृष्णदास आईआईटी-पालक्काड से एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले जिले के पहले आदिवासी छात्र बन गए हैं.

कृष्णदास ने मैन्युफैक्चरिंग और मैटेरियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रैजुएट की डिग्री हासिल की है. 2020 में, कृष्णदास ने GATE पास किया था, और IIT-पालक्काड में MTech के लिए दाखिला लिया.

इरुला आदिवासी समुदाय के कृष्णदास किसी भी आईआईटी में दाखिला पाने वाले भी जिले के पहले आदिवासी बन गए हैं.

कृष्णदास मक्कुलन और सावित्री के बेटे हैं. उनके माता पिता दोनों ही दैनिक मज़दूर हैं. उनका छोटा भाई सोमराज त्रिशूर के श्रीकृष्णा कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा है, और उसका सबसे छोटा भाई, महेश, अगली के एक स्कूल में बारहवीं कक्षा का छात्र है.

कृष्णदास ने एनएसएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पालक्काड से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी.

कृष्णदास ने अपनी स्कूली शिक्षा पट्टनचेरी गवर्नमेंट हाई स्कूल में की. केकेएम एचएसएस, वंडीतावलम के रिटायर्ड प्रिंसिपल के विजयशेखरन ने कृष्णदास की प्रतिभा को शायद पहचान लिया, और उन्हें अपने घर में रहने दिया.

विजयशेखरन ने ही उन्हें गणित और अंग्रेजी में विशेष ट्रेनिंग भी दी. अपनी उपलब्धियों के लिए कृष्णदास अपने गुरु विजयशेखरन को ही श्रेय देते हैं. वो कहते हैं कि विजयशेखरन की मदद के बिना वो इस ऊंचाई को नहीं छू पाते.

अब वो उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी यह कामयाबी उन्हीं ही तरह वंचित आदिवासी छात्रों के लिए एक प्रेरणा होगी.

(Pic Courtesy: The Times of India)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here