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मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में राज्य के भाजपा विधायकों की बैठक की तुलना ‘क्रैश कोर्स’ से की

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन है और इसे फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है. ऐसे में सरकार गठन को लेकर भी अटकलें तेज़ हो गई हैं.

मई 2023 के बाद पहली बार मणिपुर के मैतेई और कुकी समुदायों से जुड़े बीजेपी विधायक एक ही छत के नीचे साथ बैठे, बात की और सुना.

दिल्ली में हुई यह बैठक न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से अहम रही बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण भी बनकर उभरी है, जिन्होंने बीते 30 महीनों के दौरान कई अपनों को खोया, घर उजड़ते देखा.

दिल्ली में रविवार को हुई इस बैठक में भाजपा मणिपुर विधानमंडल दल की बैठक में 30 से अधिक विधायक शामिल हुए, जिनमें कुकी-जो समुदाय के दो विधायक भी थे.

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन है और इसे फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है. ऐसे में सरकार गठन को लेकर भी अटकलें तेज़ हो गई हैं.

बैठक के बाद बीजेपी पार्टी ने एक्स पर एक कहा, “नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और पूर्वोत्तर समन्वयक संबित स्वराज की उपस्थिति में भाजपा मणिपुर विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई.”

पोस्ट में कहा गया कि चर्चा मणिपुर की शांति और प्रगति पर केंद्रित थी.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने बैठक को ‘फलदायी’ बताया और कहा कि इसमें शांति, विकास और सामान्य स्थिति बहाल करने पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि सभी विधायकों ने मिलकर राज्य में अमन-चैन लौटाने और विकास कार्यों को दोबारा रफ्तार देने का संकल्प लिया है.

मणिपुर बीजेपी के प्रवक्ता और युवा आदिवासी नेता माइकल लामजाथांग थाडौ ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि कुकी, जोमी, हमार और मैतेई विधायक एकजुट होकर विधानसभा के 2022-27 कार्यकाल में साथ काम करने को तैयार हैं. उन्होंने इसे ‘मेल-मिलाप और नए सहयोग की शुरुआत’ बताया.

मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक की तुलना ‘क्रैश कोर्स’ से की

वहीं कांग्रेस की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष के. मेघचंद्र सिंह ने दिल्ली में हुई भाजपा विधायकों की बैठक पर तंज कसते हुए सोमवार को कहा कि यह बैठक ‘क्रैश कोर्स में शामिल होने’ जैसी रही जो इस विषय पर केंद्रित थी कि अपने राज्य में लौटकर प्रशासनिक नाकामियों को कैसे सही ठहराया जाए.

बैठक की तस्वीरें शेयर करते हुए मेघचंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मणिपुर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के बजाय भाजपा ने अपने विधायकों को विद्यार्थी के रूप में दिल्ली भेज दिया है, जहां वे इस विषय पर ‘क्रैश कोर्स’ कर रहे हैं कि अपने राज्य में प्रशासनिक विफलताओं को कैसे सही ठहराया जाए.”

मणिपुर में मई 2023 से अब तक मैते और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं.

केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन इसे फिलहाल निलंबित रखा गया है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राज्य में जल्द से जल्द सरकार के गठन पर भी चर्चा हुई. इसके साथ ही विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता जुटाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया.

1 COMMENT

  1. मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    नाम – रवि खवसे
    शहर – मुलताई
    जिला – बैतूल
    राज्य – मध्यप्रदेश

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