असम: चुनाव के मौसम में टी ट्राइब के लिए फिर लगी वादों की झड़ी, क्या कभी होंगे पूरे

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इलाक़े के 40 चाय बागानों ने अंदर सड़कों के निर्माण के लिए एक-एक करोड़ रुपये सैंक्शन किए जाएंगे. इसके अलावा अगले छह महीने में इलाक़े के हर टी ट्राइब व्यक्ति के घर में नल का साफ़ पानी और बिजली की आपूर्ति की जाएगी.

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जोरहाट ज़िले की मरियानी विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के मद्देनज़र चाय बागान मज़दूरों के लिए वादों की झड़ी लगा दी. टी ट्राइब को सड़क संपर्क में सुधार, स्कूल और घरों में नल का पानी उपलब्ध कराने का वादा किया गया.

सरमा ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने अगले एक साल में एक लाख नौकरियां पैदा करने का वादा किया था, और टी ट्राइब के युवाओं के लिए इसका एक निश्चित प्रतिशत आरक्षित करने की योजना पर काम किया जा रहा है.

सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार टी ट्राइब के विकास और कल्याण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसी मक़सद से कांग्रेस विधायक रूपज्योति कुर्मी ने कुछ महीने पहले भाजपा में शामिल होने के लिए अपनी पार्टी छोड़ दी थी.

चार बार के विधायक कुर्मी, जो कांग्रेस के टी ट्राइब से आने वाले इकलौते विधायक थे, ने भाजपा के चुनाव जीतने और लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद कांग्रेस पार्टी और विधानसभा सदस्यता छोड़ दी. इसी वजह से सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत हुई है.

वो इस बार मरियानी उपचुनाव के लिए भाजपा के उम्मीदवार हैं.

टी ट्राइब असम में एक अहम वोटबैंक है

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इलाक़े के 40 चाय बागानों ने अंदर सड़कों के निर्माण के लिए एक-एक करोड़ रुपये सैंक्शन किए जाएंगे. इसके अलावा अगले छह महीने में इलाक़े के हर टी ट्राइब व्यक्ति के घर में नल का साफ़ पानी और बिजली की आपूर्ति की जाएगी.

सरमा ने स्थानीय लोगों के लिए इलाक़े में 10 मग्र हाई स्कूल और एक सरकारी कॉलेज स्थापित करने का भी वादा किया है. बागानों के आसपास के इलाक़े में मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए जाएंगे. इसके आलावा इलाक़े को 12 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं.

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान टी ट्राइब के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए दूसरे क़दमों की भी बात की. इनमें दैनिक मज़दूरी में 205 रुपये की वृद्धि, गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, कैज़ुअल बागान मज़दूरों के लिए मनरेगा कार्ड, और केंद्र और राज्य के तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड शामिल हैं.

सरमा ने यह भी कहा कि चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासियों की संस्कृति और परंपराओं को सरकार द्वारा स्थापित नए स्वदेशी और जनजातीय आस्था और संस्कृति विभाग द्वारा संरक्षित किया जाएगा. मरियानी में जंगली हाथियों के खतरे के बारे में उन्होंने कहा, “जहां तक ​​संभव हो, हम उन्हें दूर रखने के लिए बिजली की बाड़ लगाएंगे.”

मरियानी में तामूलपुर, गोसाईगांव, भवानीपुर और थौरा निर्वाचन क्षेत्रों के साथ 30 अक्टूबर को मतदान होगा. वोटों की गिनती 2 नवंबर को होगी.

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