केरल: वायनाड के आदिवासियों में हाई टेस्ट पॉज़िटिव रेट, लेकिन डेथ रेट ज़ीरो

वायनाड प्रशासन का कहना है कि राहत की बात ये है कि हाई पॉज़िटिव रेट के बावजूद आदिवासी इलाक़ों में कोविड की वजह से एक भी मौत नहीं हुई है. ज़िला प्रशासन ने जानकारी दी है कि यहाँ के दो आदिवासी समुदायों पनिया और कट्टीनायिका में संक्रमण की दर ज़्यादा देखी गई है.

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केरल के वायनाड ज़िले की आदिवासी बस्तियों में 3 सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 333 थी. लेकिन कल यानि रविवार, 16 मई को यह संख्या 1568 दर्ज की गई है. 

वायनाड प्रशासन का कहना है कि राहत की बात ये है कि हाई पॉज़िटिव रेट के बावजूद आदिवासी इलाक़ों में कोविड की वजह से एक भी मौत नहीं हुई है.

ज़िला प्रशासन ने जानकारी दी है कि यहाँ के दो आदिवासी समुदायों पनिया और कट्टीनायिका में संक्रमण की दर ज़्यादा देखी गई है.

इसकी वजह शायद यहाँ पर वैक्सीन अभियान की सफलता भी है. प्रशासन की तरफ़ से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में से कम से कम 76 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है. 

ज़िले के आदिवासी इलाक़ों में कुल कोविड क्लस्टर की संख्या भी 9 से बढ़ कर 26 हो गई है. वायनाड में अभी तक कुल 30 कोविड क्लस्टर बनाए गए हैं. यानि इस ज़िले में आदिवासी बस्तियों में कोविड क्लस्टर की संख्या सबसे अधिक है. 

जिन इलाक़ों में कोविड पॉज़िटिव केस ज़्यादा मिलते हैं वहाँ पर सावधानी और इलाज के लिए कोविड क्लस्टर बनाया जाता है. इसका मक़सद होता है कि यहाँ से दूसरे इलाक़ों में कोविड ना फैले.

सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि आदिवासी इलाक़ों में पॉज़िटिव रेट बहुत ज़्यादा है. मसलन यहाँ की पम्बाला कॉलोनी में कुल 42 लोगों का टेस्ट किया गया. इनमें से कम से कम 38 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. 

इसी तरह से कोट्टायिल नाम की कॉलोनी में कुल 81 लोगों का टेस्ट किया गया. इन 54 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट पॉज़िटिव पाई गई. 

इसके अलावा एक और आदिवासी बस्ती जिसका नाम कूवअना बताया गया है वहाँ 28 में से 24 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पॉज़िटिव पाई गई है. 

इस सिलसिले में ज़िला प्रशासन की तरफ़ से बताया गया है कि पिछली बार यानि कोविड की पहली लहर में आदिवासी इलाक़ों में कुल कोविड केस 1000 के आस-पास ही रहे थे. लेकिन कोविड की दूसरी लहर ने आदिवासी बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया है. 

वायनाड प्रशासन का कहना है कि राहत की बात ये है कि हाई पॉज़िटिव रेट के बावजूद आदिवासी इलाक़ों में कोविड की वजह से एक भी मौत नहीं हुई है.

ज़िला प्रशासन ने जानकारी दी है कि यहाँ के दो आदिवासी समुदायों पनिया और कट्टीनायिका में संक्रमण की दर ज़्यादा देखी गई है.

केरल के आदिवासी इलाक़ों में कोविड संक्रमण फैला ज़रूर है, लेकिन यहाँ प्रशासन भी चौकन्ना नज़र आता है. बाक़ी राज्यों की तुलना में केरल के आदिवासी इलाक़ों में टेस्ट ज़्यादा किए जा रहे हैं.

टेस्ट करने से दूसरे इलाक़ों में संक्रमण रोकने में मदद मिलती है. इसके अलावा संक्रमित लोगों को सही समय पर इलाज भी मिल जाता है. जिला प्रशासन का कहना है कि आदिवासी इलाक़ों में अभी टेस्टिंग को और बढ़ाया जा रहा है.

वायनाड के औपचारिक आँकड़ों के अनुसार आदिवासी इलाक़ों में अभी तक कुल 3344 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. 

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