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केरल: अट्टपाड़ी में एक हफ्ते में तीसरे आदिवासी नवजात की मौत

एससी और एसटी कल्याण मंत्री के राधाकृष्णन ने संबंधित विभाग के निदेशक टी. वी. अनुपमा को सिकल सेल एनीमिया के कारण एसटी मां की मौत पर जांच करने और रिपोर्ट जमा करने को कहा है. राधाकृष्णन स्थिति का जायजा लेने के लिए आज अट्टापदी जाएंगे. जबकि अगाली में सुबह 10 बजे एक बैठक बुलाई जाएगी.

केरल के अट्टपाड़ी में शुक्रवार को तीन दिन के एक अनुसूचित जनजाति (ST) बच्चे की मौत हो गई, जो पिछले चार दिनों में इस तरह की तीसरी घटना है. हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने सिर्फ दो शिशुओं की मौत की बात स्वीकार की है.

अभी जिस बच्चे की मौत हुई है वो पुदुर पंचायत के वीतियूर के सुनीश और गीतू की पहली संतान था. बच्चे का वजन 2.2 किलो था और वह निमोनिया से पीड़ित था.

उप जिला चिकित्सा अधिकारी और अट्टपाड़ी के कोट्टाथारा में जनजातीय विशेष अस्पताल के अधीक्षक डॉ आर प्रभुदास ने कहा कि एक महीने पहले किए गए अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग के दौरान जटिलताएं देखी गईं थी और सुनीश और गीतू को त्रिशूर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाने की सलाह दी गई. हालांकि वे वहां नहीं गए. शुक्रवार को वे मन्नारकाड तालुक अस्पताल जाने के लिए तैयार हो गए तब तक बच्चे की मौत हो गई.

दरअसल बुधवार को अट्टपाड़ी के कुरुवनकंदियिल की 23 वर्षीय अनुसूचित जाति की महिला तुलसी बालकृष्णन जो सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित थीं की त्रिशूर एमसीएच में मृत्यु हो गई. सोमवार को उसने एक सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया लेकिन बच्चा मृत पैदा हुआ था.

दूसरे शिशु की मृत्यु बुधवार को हुई जिसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया गया है. अट्टपाड़ी में थूवा आदिवासी बस्ती के वल्ली ने 13 अक्टूबर को गर्भावस्था के सातवें महीने में एक कम वजन के बच्चे को जन्म दिया था. वल्ली और राजेंद्रन के लड़के का वजन जन्म के समय सिर्फ 715 ग्राम और बुधवार को मरने पर 1 किलो वजन का था.

एससी और एसटी कल्याण मंत्री के राधाकृष्णन ने संबंधित विभाग के निदेशक टी. वी. अनुपमा को सिकल सेल एनीमिया के कारण एसटी मां की मौत पर जांच करने और रिपोर्ट जमा करने को कहा है. राधाकृष्णन स्थिति का जायजा लेने के लिए आज अट्टापदी जाएंगे. जबकि अगाली में सुबह 10 बजे एक बैठक बुलाई जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस साल अब तक अट्टपाड़ी में सात आदिवासी शिशुओं की मौत हुई है और पिछले तीन दिनों में दो शिशुओं की मौत हुई है. हालांकि, अनौपचारिक रिपोर्टों के मुताबिक इस साल अट्टापदी में 10 आदिवासी शिशुओं की मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक को अट्टापडी में शिशु मृत्यु की जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

केरल में कोरोना के चलते जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में कमी देखी गई. राज्य के मुख्य रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में साल 2021 के पहले नौ महीनों में बच्चों के जन्म लेने के मामलों में तेज गिरावट देखी गई और 1 की मौत हुई.

महामारी से पहले 4.80 लाख जन्म दर्ज किए गए थे. महामारी के दौरान साल 2020 में ये घटकर 4.53 लाख हो गए. आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में जन्म संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है. इस साल ये गिरावट सबसे तेज़ रही है.

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