गाय की तस्करी के संदेह में दो आदिवासी युवकों पर हमला, एक की हुई मौत

इस लिंचिंग के शिकार की पहचान मध्य प्रदेश के अचलपुर के 25 साल के बाबू भील के रूप में हुई है. उसका दोस्त पिंटू भील हमले में बुरी तरह घायल हुआ.

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राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो आदिवासी युवकों को शनिवार-रविवार की रात गायों की तस्करी के संदेह में लोगों की भीड़ ने खूब पिटाई की. इसमें से एक युवक की अस्पताल में मौत हो गई, और दूसरा गंभीर हालत में है.

यह दोनों युवक भील आदिवासी समुदाय के हैं. यह दोनों जानवरों को खरीदकर मध्य प्रदेश ले जा रहे थे, जब भीड़ ने उन्हें घेरा, और उनकी पिटाई की. पुलिस ने पूछताछ के लिए 7-8 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

इस लिंचिंग के शिकार की पहचान मध्य प्रदेश के अचलपुर के 25 साल के बाबू भील के रूप में हुई है. उसका दोस्त पिंटू भील हमले में बुरी तरह घायल हुआ.

घटना 13-14 जून की रात भीलखंडा गांव के पास हुई. चित्तौड़गढ़ जिले में दो लोग कुछ गोवंश को मध्य प्रदेश ले जा रहे थे, तभी भीड़ ने उन पर हमला किया. इस मामले में हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस के अनुसार, पीड़ित तीन बैलों को मध्य प्रदेश के बेगुन शहर से खेती में इस्तेमाल के लिए मध्य प्रदेश ले जा रहे थे, जब लोगों की भीड़ ने उनपर गायों की तस्करी का आरोप लगाया और उनपर लाठियों से हमला किया.

इस घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों समेत पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी ने इलाक़े में अब डेरा डाल दिया है.

उदयपुर संभाग के आईजी रेंज सत्यवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि अनियंत्रित भीड़ ने न सिर्फ़ आदिवासी युवकों की बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उनका मोबाइल फ़ोन भी छीन लिया, और जानवरों की बिक्री के कागज़ भी फाड़ दिए.

पुलिस को जब ख़बर मिली तो उन्होंने पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस का कहना है कि इस घटना की जांच हो रही है, और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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