BJP ने ममता बनर्जी को बताया ‘आदिवासी विरोधी’, पश्चिम बंगाल में लगाए पोस्टर

बंगाली में लिखे पोस्टर में कहा गया है कि बीजेपी ने आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेट करके आदिवासी समुदाय का सम्मान किया है, जबकि ममता बनर्जी आदिवासी महिलाओं का समर्थन नहीं कर रही हैं. पोस्टर में कहा गया है कि ममता आदिवासी विरोधी हैं.

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देश के 15वें राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए आज वोटिंग हो रही है. वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी और अगले राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 25 जुलाई को होगा. राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से द्रौपदी मुर्मू और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं.

इससे पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘आदिवासी विरोधी’ करार देते हुए जगह-जगह पोस्टर लगाए. बंगाली और हिंदी में लगाए गए इन पोस्टर में दावा किया गया है कि एनडीए की उम्मीदवार और आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू का समर्थन नहीं कर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अपनी ‘आदिवासी विरोधी मानसिकता’ प्रदर्शित की है.

पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजग की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू की तस्वीर है. वहीं इस पोस्टर में ममता को आदिवासी लड़कियों के साथ पारंपरिक नृत्य करते हुए दिखाया गया है, जिसमें लड़कियों ने ग्लव्स पहन रखे हैं. दरअसल पोस्टर से ये मैसेज देने की कोशिश की गई है कि ममता बनर्जी आदिवासियों को छूने से बचती हैं. इसलिए उन्होंने ग्लव्स पहने हुए हैं.

बंगाली में लिखे पोस्टर में कहा गया है कि बीजेपी ने आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेट करके आदिवासी समुदाय का सम्मान किया है, जबकि ममता बनर्जी आदिवासी महिलाओं का समर्थन नहीं कर रही हैं. पोस्टर में कहा गया है कि ममता आदिवासी विरोधी हैं.

पोस्टर में लिखा हुआ है-“आदिवासी जनजाति संप्रदाय की विरोधी ममता. बीजेपी ने एक आदिवासी जनजाति महिला को देश का सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद प्रार्थी के लिए मनोनीत करके देश के समस्त आदिवासी जनजाति सम्प्रदाय को सम्मानित किया है. यह आदिवासी जनजाति समुदाय के लिए गर्व का विषय है. ममता बनर्जी आदिवासी जनजाति सम्प्रदाय का समर्थन नहीं करके और अन्य प्रार्थी का समर्थन कर रही है एवं आदिवासी समाज के करीब आने में हिचकिचा रही है. यह भिन्नता था, है और रहेगा. ”

हालांकि इस पोस्टर में बीजेपी ने ममता बनर्जी की जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया है वो कुछ महीने पहले ममता बनर्जी ने नॉर्थ बंगाल में एक जनजातीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हिस्सा लिया था वहां की है. जहां उन्होंने आदिवासी लड़की का हाथ पकड़कर आदिवासी नृत्य किया किया था. लेकिन कोविड के कारण नजदीकी लड़कियों ने ग्लव्स पहनकर सीएम ममता के हाथ पकड़ रखे थे.

पश्चिम बंगाल में आदिवासी वोट काफी अहम है. बंगाल में 52 लाख से अधिक आदिवासी आबादी है, जो कि बंगाल की कुल आबादी का लगभग 6 फीसदी है. आदिवासी आबादी यहां की 47 विधानसभा सीटों और सात लोकसभा क्षेत्रों में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जो पुरुलिया के जंगल महल जिलों, दक्षिणी बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और झारग्राम और उत्तर में जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में फैले हुए हैं.

लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने आदिवासी बहुल इलाकों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन विधानसभा चुनाव में यह वोट खिसक रहा है और अब ममता बनर्जी को आदिवासी विरोधी बताकर फिर से आदिवासी वोट पर कब्जा जमाने की रणनीति बना रही है.

वैसे आज हो रही वोटिंग के जरिए देश के नए राष्ट्रपति के चेहरे पर मुहर लगेगी. द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा के नाम पर आज वोट पड़ रहे हैं. इस चुनाव में मुर्मू की जीत लगभग तय है क्योंकि कई गैर-राजग दल भी आदिवासी नेता की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं.

द्रौपदी मुर्मू अगर जीत जाती हैं, तो वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी और वह देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी. पहली महिला राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल थीं.

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