तेलंगाना: भीषण आग में आदिवासियों के घर हुए राख, 40 परिवार बेघर

आधिकारिक तौर पर आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि किसानों ने अपने खेतों को साफ करने के लिए आज लगाई थी, जो तेज हवा के चलते घरों तक फैल गई.

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तेलंगाना के मुलुगु जिले के मांगपेट मंडल के शनिगकुंटा गांव में गुरुवार रात लगी भीषण आग में 20 फूस के घर/झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं. इस आग ने करीब 40 आदिवासी परिवारों को भीषण गर्मी के इस मौसम में बेघर कर दिया है.

हालांकि, खबर यह है कि किसी को चोट नहीं आई.मीडिया में छपी खबरों के अनुसार आग में घर के सामान के अलावा कई लोगों के शैक्षणिक और दूसरे महत्वपूर्ण सर्टिफिकेट जलकर राख हो गए.

दमकलकर्मियों ने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को जिले के विभिन्न हिस्सों से दमकल की गाड़ियों को बुलाया ताकि आग पर काबू पाया जा सके.

हालांकि आधिकारिक तौर पर आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि कुछ किसानों ने अपने खेतों को साफ करने के लिए आज लगाई थी, जो तेज हवा के चलते घरों तक फैल गई.

मुलुगू के कलेक्टर एस कृष्णा आदित्य ने पुलिस, राजस्व, वन और पंचायत राज के अधिकारियों के साथ शुक्रवार की सुबह दुर्घटना स्थल शनिगकुंटा गांव का दौरा किया.

उन्होंने इलाके के आदिवासियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन की ओर से उनकी हर संभव मदद की जाएगी.

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को शेड बनाकर उन्हें अस्थाई निवास प्रदान करें, और उन्हें चावल और दूसरे जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करें.

उन्होंने आग को दुर्घटना में अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र खोने वालों से अपने शैक्षणिक संस्थानों का सभी डिटेल्स, परीक्षा पास करने का साल, और छात्रों के दूसरे डिटेल्स पेश करने को कहा, ताकि अधिकारियों के साथ समन्वय से डुप्लीकेट सर्टिफिकेट मिलने के लिए कोऑर्डिनेट किया जा सके.

इस बीच, मुलुगु के विधायक दानसारी अनसूया (सीतक्का) ने आदिवासी बस्ती का दौरा किया और पीड़ितों को चावल और दूसरे जरूरी सामान के अलावा बर्तन और कपड़े समेत राहत सामग्री सौंपी.

दुर्घटना में अपना घर गंवा चुके आदिवासी विधायक के सामने रो पड़े, और तत्काल राहत दिलाने के लिए उनसे हस्तक्षेप की मांग की.

विधायक ने आग से प्रभावित परिवारों को किराने का सामान और जरूरत की बाकी चीजें दान करने के लिए बयाराम स्थित एनजीओ चेतना फाउंडेशन द्वारा उठाए गए कदम की तारीफ की.

आदिवासी विकास विभाग की तरफ से 45,000 रुपए, और सरकार की तरफ से 15,000 रुपए हर पीड़ित परिवार को दिए गए हैं. अधिकारियों ने हर परिवार को करीब किलो चावल और बाकी राशन भी दिया है.

हवा के चलते आग तेजी से फैली, जिससे देखते ही देखते सब कुछ राख हो गया. पुलिस ने मामला दर्ज किया है, और तहकीकात कर रही है.

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