द्रोपदी मूर्मु एक ‘बुरी विचारधारा’ का प्रतिनिधित्व करती हैं – कांग्रेस नेता

राष्ट्रपति चुनाव को 'राष्ट्र की आत्मा' की लड़ाई बताते हुए अजय कुमार ने कहा कि सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को प्रतीक बनाना और भारत की जनता को बेवकूफ बनाना ही मोदी सरकार है.

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कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर बयान दिया है. उनके इस बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू ‘इविल फिलॉसफी ऑफ इंडिया’ यानी बुराई की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती हैं.

दरअसल न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यशवंत सिन्हा बहुत अच्छे प्रत्याशी हैं. द्रौपदी मुर्मू का स्वभाव भी बहुत शालीन है, लेकिन वे भारत की ‘ईविल फिलॉसफी’ का प्रतिनिधित्व करती हैं.

ANI से बात करते हुए अजय कुमार ने कहा, “यह द्रौपदी मुर्मू के बारे में नहीं है. यशवंत सिन्हा भी एक अच्छे उम्मीदवार हैं और मुर्मू भी एक सभ्य व्यक्ति हैं. लेकिन वह भारत के एक बहुत ही बुरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती हैं. हमें उन्हें ‘आदिवासी’ का प्रतीक नहीं बनाना चाहिए. रामनाथ कोविंद हमारे राष्ट्रपति हैं लेकिन जब हाथरस कांड (उत्तर प्रदेश में एक युवा दलित महिला का सामूहिक बलात्कार और हत्या) हुआ तो क्या उन्होंने एक भी शब्द कहा. अनुसूचित जातियों की स्थिति बदतर हो चुकी है.”

राष्ट्रपति चुनाव को ‘राष्ट्र की आत्मा’ की लड़ाई बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को प्रतीक बनाना और भारत की जनता को बेवकूफ बनाना ही मोदी सरकार है. यह देश की आत्मा की लड़ाई है और सभी समान विचारधारा वाले दलों को यशवंत सिन्हा को वोट देना चाहिए.

बीजेपी का पलटवार

अजय कुमार पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत इस जगह तक पहुंची हैं. पूनावाला ने पूछा कि अजय कुमार किस तरह की ‘इविल फिलॉसफी’ की बात कर रहे हैं?

बीजेपी प्रवक्ता ने ट्विटर पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी ने सभी हदें पार कर दी हैं, ये पूरे आदिवासी समाज, SC समाज का अपमान है. यह वही मानसिकता है जिसने आंबेडकर जी को दो बार चुनाव हराया, कई सालों तक उन्हें भारत रत्न नहीं दिया.”

अजय कुमार के इस बयान पर बीजेपी के आईटी सेल के प्रवक्ता अमित मालवीय ने भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब पीएम मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए ने आदिवासी समाज की महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. एनडीए की यह पहल जाहिर तौर पर आदिवासी समाज को सशक्त बनाने वाली है, वहीं कांग्रेस नेता की ओर से उन्हें ‘इविल’ बताया जाना शर्मनाक है.

वहीं अजय कुमार ने ट्विटर पर अमित मालवीय को टैग करते हुए लिखा, “मालवीय आप झूठ बोलना बंद करिए. आपको मेरा पूरा बयान देखना चाहिए. मैंने द्रौपदी जी को अच्छा व्यक्ति बताया है. यह मुद्दा उनके बारे में नहीं बल्कि भाजपा की जहरीली मानसिकता के बारे में है. मैं अपने बयान पर कायम हूं. यह हमेशा की तरह भाजपा के आईटी सेल का कट और पेस्ट जॉब है.”

विपक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 18 जुलाई को वोटिंग होगी और नतीजे की घोषणा 21 जुलाई को होगी.

द्रौपदी मुर्मू जो राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, वो निर्वाचित होने पर भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और प्रतिभा पाटिल के बाद इस पद को संभालने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी.

ओडिशा के पिछड़े जिले मयूरभंज के एक गांव में रहने वाली आदिवासी परिवार में जन्मी मुर्मू ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी की. वह 2013 से 2015 तक बीजेपी के एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य थीं और 2010 और 2013 में मयूरभंज (पश्चिम) के बीजेपी जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया.

2006 और 2009 के बीच वह ओडिशा में बीजेपी के एसटी मोर्चा की प्रमुख थीं. वह 2002 से 2009 तक बीजेपी एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य रहीं. इसके बाद वह झारखंड की 2015 से 2021 तक पहली महिला राज्यपाल रहीं.

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