जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति को 125 फीसदी तक बढ़ाया

अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप-सी के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 18,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 41,700 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. वहीं ग्रुप-डी के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 12,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 28,700 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि में भत्ता भी शामिल है.

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संघ शासित प्रदेश में आदिवासी छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उनकी छात्रवृत्ति में 125 फीसदी तक की वृद्धि करने संबंधी अधिसूचना सोमवार को जारी की.

अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचना के मुताबिक, सरकारी या मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति में 125 फीसदी तक की वृद्धि की गई है.

उन्होंने बताया कि आदिवासी मामलों के विभाग ने 2011-2012 के बाद पहली बार छात्रवृत्ति की राशि में वृद्धि की है. इसके साथ ही पहले 50 से कम पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति मिलती थी जिनकी संख्या बढ़ाकर 350 से ज्यादा कर दी गई है.

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आदिवासी छात्रों को शिक्षा में मदद करने के लक्ष्य से ग्रुप-ए के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 30,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 72,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. बढ़ी हुई राशि में 12,000 रुपये का भत्ता भी शामिल है.

उन्होंने बताया कि ग्रुप-बी के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 20,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 53,200 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. बढ़ी हुई राशि में 8,200 रुपये का भत्ता भी शामिल है.

अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप-सी के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 18,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 41,700 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. वहीं ग्रुप-डी के पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की राशि को मौजूदा 12,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 28,700 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि में भत्ता भी शामिल है.

आदिवासी मामलों के विभाग के सचिव शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि सरकार ने 11वीं कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों तक की उच्च शिक्षा में ट्यूशन और अन्य खर्चों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की है. उन्होंने कहा, “अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का संशोधन 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित था.”

उन्होंने आगे कहा कि वर्षों से छात्रों की लगातार मांग और अध्ययन के उभरते क्षेत्रों के मद्देनजर विभाग ने स्कॉलरशिप स्कीम के तहत मैनेजमेंट, सॉफ्ट स्किल्स, रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एविएशन, कोडिंग को कवर करते हुए 300 से अधिक नए पाठ्यक्रम भी जोड़े हैं.

इक़बाल चौधरी ने कहा, “छात्रवृत्ति अब हर दो साल में विभिन्न मापदंडों के आधार पर संशोधित की जाएगी, जिसमें रहने की लागत, शुल्क संरचना, किताबों पर खर्च, स्टेशनरी और अन्य चीजें शामिल हैं. छात्रवृत्ति एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वितरित की जाएगी, जिसे नए आवेदनों के लिए 20 जुलाई से लाइव होने के लिए अधिसूचित किया गया है और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे 31 अगस्त की कट ऑफ तिथि से पहले संबंधित संस्थानों के माध्यम से छात्रवृत्ति के विभिन्न घटकों की सटीक जानकारी सुनिश्चित करें.”

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