केरल: आदिवासी परिवारों के लिए 2 साल की देरी के बाद मुआवजे की घोषणा

कलेक्टर ने 4 जनवरी, 2020 को इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट दी थी.

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दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद, केरल सरकार ने आखिरकार पालक्काड के अट्टपाड़ी में अपने बच्चों को खोने वाले आदिवासी परिवारों के लिए एक-एक लाख रुपये की अंतरिम राहत की घोषणा की है.

27 जुलाई, 2017 से 23 अगस्त, 2019 तक 25 महीनों की अवधि में अट्टपाड़ी में 23 शिशुओं की मौत हुई थी.

इससे पहले पालक्काड के कलेक्टर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश के आधार पर आयोग द्वारा निर्धारित मुआवजा राज्य सरकार से दिए जाने की सिफारिश की थी. कलेक्टर ने 4 जनवरी, 2020 को इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट दी थी.

दरअसल, परिवारों के लिए मुआवजे की पेशकश पहले बच्चे की मौत के साढ़े चार साल बाद आई थी.

2016 से 2021 तक, अट्टपाड़ी में 52 शिशुओं की मौत हुई. सबसे ज्यादा मौतें 2017 (14) और 2018 (13) में हुईं. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 2020 में केरल में जनजातीय शिशु मृत्यु दर 21.5% थी.

इसके अलावा, बाद की सरकारों ने दावा किया है कि उन्होंने अट्टपाड़ी में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए धन निर्धारित किया था, जबकि कई व्हिसलब्लोअर यह कहते हुए सामने आए कि धन पूरी तरह से लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रहा है. इसके पीछे वो भ्रष्टाचार को जिम्मेदार बताते हैं.

हाल ही में, कोट्टतरा आदिवासी विशेषता अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ प्रभुदास को उनके पद से ट्रांसफर कर दिया गया था, जब उन्होंने खुलेआम कहा कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज को उनकी हाल की आदिवासी बस्तियों की यात्रा के दौरान गुमराह किया.

अट्टपाड़ी में शिशु मृत्यु दर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है, जबकि सरकारें इस क्षेत्र में बेहतरी के लिए नई पहल का दावा कर रही हैं.

पिछले साल फरवरी में, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे, सरकार ने अट्टपाड़ी में स्थित एक तालुक बनाया था, जो मूल रूप से मन्नारक्कड़ तालुक का हिस्सा था.

पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव डी बाबू पॉल की सिफारिशों के आधार पर मौजूदा मन्नारक्कड़ तालुक से कुछ गांवों को अलग करके नए तालुक का गठन किया गया. 192 आदिवासी बस्तियों में 10,549 परिवारों के 32,614 आदिवासी यहां रहते हैं.

अट्टपाड़ी ब्लॉक का गठन 1962 में छह गांवों के साथ किया गया था. इनमें अगली, कल्लमला, कोट्टतरा, पडवायल, पुडूर और शोलायूर शामिल हैं. अट्टपाड़ी में आदिवासी आबादी इलाके की कुल आबादी का लगभग 44% हिस्सा है.

यहां मुख्य आदिवासी समुदाय इरुला, मुदुगा और कुरुम्बा हैं, जिनमें से कुरुम्बा समुदाय की सामाजिक आर्थिक स्थिति दूसरों की तुलना में सबसे पिछड़ी है.

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