केरल: 1,035 आदिवासी इलाक़ों में से सिर्फ़ 598 में है अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी

आदिवासी इलाक़ों में इंटरनेट से जुड़ी दिक्कतें सिर्फ़ केरल तक सीमित नहीं हैं. अमूमन पूरे देश की आदिवासी बस्तियों में यही हाल है. फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि केरल देश के कुछ गिने-चुने राज्यों में से है, जो स्थिति को सुधारने की दिशा में कुछ काम रहा है.

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केरल में शिक्षा विभाग जल्द ही ऑनलाइन इंटरैक्टिव कक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में राज्य के आदिवासी कल्याण विभाग ने दूसरे विभागों के साथ मिलकर आदिवासी बस्तियों में इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफ़र्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के सहयोग से किए गए एक अध्ययन के अनुसार बिना किसी बाधा के इंटरनेट तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 437 जगहों पर नेट कनेक्टिविटी में सुधार की ज़रूरत है.

इस अध्ययन में यह भी पाया गया है कि राज्य के 1,035 आदिवासी इलाक़ों में से सिर्फ़ 598 में ही अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी है.

हालांकि सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ स्थिति में सुधार करने के लिए बातचीत की थी, लेकिन उनमें से किसी की भी 144 जगहों पर कनेक्टिविटी देने, और 217 जगहों पर इंटरनेट कवरेज की गुणवत्ता में सुधार करने की योजना नहीं थी.

सरकार ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब आदिवासी बस्तियों के पास टावर लगाने के लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को मामूली दर पर बिल्डिंग या ज़मीन उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

आदिवासी बस्तियों में टावरों और घरों तक ऑप्टिक फ़ाइबर केबल के विस्तार के लिए केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के पोल के इस्तेमाल का मुफ्त अधिकार भी दिया जाएगा.

इसके अलावा स्थानीय स्वशासन विभाग आदिवासी बस्तियों में टावर लगाने के लिए आवेदनों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रदान करेगा.

आदिवासी इलाक़ों में इंटरनेट से जुड़ी दिक्कतें सिर्फ़ केरल तक सीमित नहीं हैं. अमूमन पूरे देश की आदिवासी बस्तियों में यही हाल है. फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि केरल देश के कुछ गिने-चुने राज्यों में से है, जो स्थिति को सुधारने की दिशा में कुछ काम रहा है.

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