आदिवासी पुनर्वास परियोजना लगभग पूरी, 110 परिवारों को होगा फायदा

मुट्टिल, कलपेट्टा, मेप्पाडी और मुपैनाड क्षेत्रों में 110 भूमिहीन पनिया आदिवासी परिवारों के सदस्यों को इस परियोजना के तहत घर दिए जाएंगे.

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केरल की सबसे बड़ी आदिवासी पुनर्वास परियोजना बहुत जल्द पूरी होने वाली है.

पारूरकुन्नू मॉडल पुनर्वास परियोजना को जनजातीय पुनर्वास विकास मिशन (TRDM) द्वारा दिए गए 6.60 करोड़ रुपए के फंड से पूरा किया जा रहा है.

District Soil Conservation Department घरों के निर्माण का काम कर रहा है.

विभाग ने हिंदू अखबार को बताया कि जिले में आदिवासी परिवारों के लिए110 में से 35 घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और बाकी का काम अंतिम चरण में है.

उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के तहत मकान अप्रैल के अंत तक लाभार्थियों को सौंप दिए जाएंगे.

मुट्टिल, कलपेट्टा, मेप्पाडी और मुपैनाड क्षेत्रों में 110 भूमिहीन पनिया आदिवासी परिवारों के सदस्यों को इस परियोजना के तहत घर दिए जाएंगे.

477 वर्ग फुट के हर एक घर का निर्माण 6 लाख रुपये की लागत से किया गया है. हर घर में दो बेडरूम, एक बरामदा, रसोई, शौचालय, एक हॉल और वर्क एरिया जैसी सुविधाएं हैं.

अधिकारियों ने यह भी बताया कि वन विभाग ने परियोजना के लिए 13.5 हेक्टेयर जमीन दी है, और इस जमीन पर 105 मकान और बनाए जा सकते हैं.

लाभार्थियों को मकानों के अलावा 10 सेंट जमीन भी मुहैया कराई जाएगी.परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति, बिजली कनेक्शन और पक्की सड़क समेत सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी.

इसके अलावा आदिवासियों के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र, लाइब्रेरी, आंगनवाड़ी, सामुदायिक हॉल और एक बच्चों का पार्क भी तैयार है.

(तस्वीर प्रतीकात्मक है.)

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