तेलंगाना के मुलुगु ज़िले के आदिवासी इलाकों में मलेरिया और डेंगू का कहर

जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर रहा है. ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक 325 चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए हैं.

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तेलंगाना के मुलुगु (Mulugu) ज़िले में लोगों को परेशान करने के लिए मौसमी बीमारियां लौट आई हैं, ख़ासकर आदिवासी इलाकों में.. ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 62 मलेरिया और पांच डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं.

मुलुगु ज़िले में 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दो सामुदायिक केंद्र और 100 बिस्तरों वाला एक ज़िला सरकारी अस्पताल है.

लेकिन अफसोसजनक बात ये है कि एजेंसी क्षेत्र वज़ीडु, तुपाकुलगुडेम, चेरुकुरु, पेनुगोडियम, मंगपेट, तड़वई, वेंकटपुरम और गोविंदरावपेट में रहने वाले गोठी कोया आदिवासी एक कठिन समय से गुजर रहे हैं और उनके मंडलों में कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है.

मुलुगु ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (District Medical and Health Officer) डॉक्टर अल्लम अप्पैया के अनुसार, “जैसे ही हमारी टीमों को एजेंसी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बस्तियों में मलेरिया और डेंगू के मामलों का पता चलता है, वे उपचार प्रदान कर रहे हैं. हम मानसून की शुरुआत से चिकित्सा शिविर आयोजित कर रहे हैं. हमारी टीमें गांवों और बस्तियों में भी घर-घर जाकर दौरा कर रही हैं. हम बुखार के लक्षणों वाले लोगों का इलाज कर रहे हैं. अगर कोई मलेरिया और डेंगू से संक्रमित है तो हम उन्हें निर्देश के साथ चिकित्सा किट सौंपते हैं और बताते हैं कि दवाओं का उपयोग कैसे करें.”

जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर रहा है. ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक 325 चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए हैं और मेडिकल टीम कोविड-19 टेस्ट अभियान भी चला रहे हैं और कोई लक्षण होने पर उपचार प्रदान कर रहे हैं.

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