राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन का मतलब सरकार सरेंडर नहीं है, BJD का काउंटर अटैक

सीएम नवीन पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार के आदिवासियों के लिए शुरू किए गए कामों का फल अब मिलने लगा है. शिक्षा और रोजगार के माध्यम से आदिवासियों को सशक्त करने की राज्य सरकार की योजना अब काफी आगे तक पहुंच गई है. आदिवासी समुदाय से आने वाले बच्चे अपनी योग्यता और कौशल के बल पर पूरे देश में नाम कमा रहे हैं.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली ऐसी महिला हैं जो इस पद पर पहुंची हैं. ऐसे में बीजेपी की पूरी कोशिश है कि इस मौके को भुनाया जाए और आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी पैठ बढ़ाई जाए. लेकिन लगता है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीजेपी की इस कोशिश को रोकने की तैयारी कर ली है.

सीएम नवीन पटनायक ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह ज़िले मयूरभंज में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू की. उन्होंने मयूरभंज के करीब एक घंटे के दौरे के दौरान सुवर्णरेखा और देव सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया.

उन्होंने इस मौके पर कहा कि आदिवासियों के साथ समन्वय की वजह से राज्य की बीजू जनता दल (BJD) सरकार कई कल्णकारी योजनाओं को लागू करने में सफल रही. नवीन पटनायक ने जनसभा के दौरान कहा कि आदिवासियों के लिए शिक्षा और रोजगार योजनाओं के माध्यम से राज्य प्रगति कर सकता है. मयूरभंज ज़िले की कुल आबादी में 53 फीसदी आदिवासी है.

बीजेपी की रणनीति के खिलाफ पटनायक का काउंटर अटैक

नवीन पटनायक के मयूरभंज दौरे को बीजेपी का मुकाबला करने की बीजद की रणनीति माना जा रहा है, जो द्रौपदी मुर्मू के देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर निर्वाचित होने का लाभ लेने की कोशिश कर रही है. बीजेपी कथित तौर पर राज्य के लोगों के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों के चलते शीर्ष पद पर आसीन हुईं. बीजद ने भी मुर्मू का राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन किया था.

मयूरभंज को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, जहां की नौ विधानसभा सीटों में से छह पर उसके प्रत्याशियों की जीत हुई थी. इसके अलावा लोकसभा सीट भी बीजेपी के खाते में गई थी. हालांकि, राजनीतिक समीकरण उस समय बदल गए जब बीजद ने जिला परिषद चुनाव में 59 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की.

5टीपहल

सीएम नवीन पटनायक ने अपने भाषण में कहा कि आदिवासी बच्चे अपनी प्रतिभा की बदौलत नाम कमा रहे हैं और यह राज्य सरकार की शिक्षा, जीविकोपार्जन और कौशल विकास की विभिन्न योजनाओं से संभव हुआ.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘5टी’ पहल ने ओडिशा के मयूरभंज ज़िले के छात्रों के लिए अपने गांव के स्कूलों में विश्व स्तर की शिक्षा प्राप्त करना संभव बना दिया है. पटनायक ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे ज़िले और राज्य के लिए आया है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘5टी’ पहल के तहत, स्कूलों में सुधार किया जाता है और राज्य के दूरदराज के गांवों में भी छात्रों द्वारा स्मार्ट क्लास रूम, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, कंप्यूटर शिक्षा और खेल के मैदान की सुविधा का लाभ उठाया जाता है.

मयूरभंज जिले की कला, संस्कृति और आदिवासी परंपरा की प्रशंसा करते हुए पटनायक ने कहा कि मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू की इस धरा को नमन करता हूं. देशभर में मयूरभंज को अपनी कला और संस्कृति के लिए पहचाना जाता है. मयूरभंज की बेटी, द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से हर ओडिशावासी आज गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

1500 करोड़ रुपए की लागत से दो परियोजनाओं की शुरुआत

दो सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मयूरभंज और बालासोर ज़िलों के किसानों को अत्यधिक लाभ होगा. पटनायक कार्यक्रम में मौजूद थे लेकिन उनके पूर्व में रिकॉर्ड वीडियो भाषण को मंच से प्रसारित किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि 685 करोड़ की लागत से निर्मित सुवर्णरेखा सिंचाई परियोजना से 17,121 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जबकि 823 करोड़ रुपये की लागत से तैयार देव सिंचाई परियोजना से 9,900 हेक्टेयर की भूमि सिंचित होगी.

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