आदिवासियों को बैठक में शामिल होने की धमकी दे रहे माओवादी- कोठागुडेम पुलिस

पुलिस के पास सूचना है कि उक्त गांवों के आदिवासी पार्टी द्वारा आयोजित सभा में शामिल होने को तैयार नहीं थे. लेकिन माओवादी आजाद, मधु, रामदास और राजेश आदिवासियों को सभाओं में शामिल होने के लिए प्रताड़ित करते रहे हैं.

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तेलंगाना के कोठागुडेम जिला पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) पार्टी के नेता आजाद और मधु ने तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती गांवों में नक्सलियों की बैठकों में शामिल होने के लिए निर्दोष आदिवासियों को धमकाया.

यहां के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि माओवादियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के पेसरलापाडु में एक बैठक की और कोंडावई, कोराकटपाडु, येररामपाडु, पुट्टपाडु, बुरुगुपाडु, नेमालिगुडा और कुर्नापल्ली गांवों के आदिवासियों को इसमें शामिल होने के लिए मजबूर किया.

पुलिस के पास सूचना है कि उक्त गांवों के आदिवासी पार्टी द्वारा आयोजित सभा में शामिल होने को तैयार नहीं थे. लेकिन माओवादी आजाद, मधु, रामदास और राजेश आदिवासियों को सभाओं में शामिल होने के लिए प्रताड़ित करते रहे हैं.

बैठक में शामिल नहीं होने वालों को पुलिस का मुखबिर बताया गया. माओवादी पार्टी के नेता निर्दोष आदिवासियों को अपनी गतिविधियों के लिए मजदूरों के रूप में मुफ्त में इस्तेमाल कराते रहे हैं और उनसे पैसे, चावल और सब्जियां लूट रहे हैं.

आजाद की पत्नी को तीन साल पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. पुलिस ने आरोप लगाया कि तब से वह पार्टी के कुछ नेताओं के साथ अपनी पत्नी की जमानत और निजी विलासिता पर खर्च करने के लिए ठेकेदारों और व्यापारियों से पैसे वसूल रहा था.

बयान में कहा गया है कि माओवादी पार्टी सीमावर्ती गांवों में आदिवासियों को विभिन्न तरीकों से परेशान कर रही थी, उन्हें क्षेत्र के विकास से वंचित कर रही थी. इसलिए एजेंसी गांवों के निवासियों को किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं देना चाहिए.

(तस्वीर प्रतिकात्मक है)

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