MPHRC ने महू में आदिवासी शख्स की हिरासत में मौत पर अधिकारियों को नोटिस दिया

इस मामले में अबतक एसआई कमल उईके, एएसआई देवेश वर्मा, एएसआई निर्भय सिंह, आरक्षक गजराज और सोनवीर को निलंबित किया गया है.

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मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग (Madhya Pradesh Human Rights Commission) ने एक आदिवासी शख्स की हिरासत में मौत के मामले में इंदौर रेंज के महानिरीक्षक (IG), इंदौर ज़िले के कलेक्टर और महू के सब डिवीजन मजिस्ट्रेट (SDM) को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब तलब किया है.

दरअसल लूट के एक मामले में गिरफ्तार 19 वर्षीय आदिवासी की हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद इंदौर ज़िले के महू कस्बे में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.

एक अधिकारी ने बताया कि घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने तीन अधिकारियों को तीन हफ्ते के भीतर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ इस मुद्दे पर अपना जवाब देने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को मानपुर पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और अपनी रिपोर्ट के साथ इसका एक वीडियो भेजने के लिए भी कहा गया है.

एक अधिकारी ने बताया कि मानपुर के रहने वाले अर्जुन सिंगारे (Arjun Singare) को शुक्रवार को लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि पूछताछ के अगले दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

मृतक के परिजन और जय आदिवासी युवा संगठन (Jai Adivasi Yuva Sangathan) के सदस्यों ने थाने में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगारे की मौत पुलिस की ज्यादती से हुई है.

इंदौर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) भगवत सिंह विरदे ने कहा कि विरोध के बाद, उप-निरीक्षक कमल उइके, सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) दिनेश वर्मा और निर्भय सिंह और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया.

उन्होंने दावा किया था कि सिंगारे कथित तौर पर लूट, डकैती और चोरी जैसे कई गंभीर अपराधों में शामिल था.

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