सरहुल पर्व पर राँची में नहीं निकलेंगे जुलूस, कोविड से बचने के लिए फ़ैसला हुआ

राँची प्रशासन की तरफ़ से सिरम टोली स्थित मुख्य सरना स्थल पर 5 लोगों को पूजा पाठ करने की अनुमति दी गई है. प्रशासन की तरफ़ से जानकारी देते हुए बताया गया है कि सरना समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह तय हुआ कि ज़्यादा लोग सरहुल पर्व पर ना जुटें.

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झारखंड की राजधानी राँची में इस साल सरहुल पर्व के दौरान कोई जुलूस या शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी. राँची के डीसी के साथ विभिन्न सरना समितियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है. 

रांची में लगातार बढ़ रहे कोविड के मामले को देखते हुए यह सहमति बनी है. प्रशासन की तरफ़ से बताया गया है कि समितियों ने एकमत होकर फैसला लिया है.

राँची प्रशासन की तरफ़ से सिरम टोली स्थित मुख्य सरना स्थल पर 5 लोगों को पूजा पाठ करने की अनुमति दी गई है. प्रशासन की तरफ़ से जानकारी देते हुए बताया गया है कि सरना समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह तय हुआ कि ज़्यादा लोग सरहुल पर्व पर ना जुटें.

बैठक में फ़ैसला हुआ है कि विभिन्न मौजा से अधिकतम 5 लोग मुख्य सरना स्थल पर कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पहुंचेंगेय ये लोग बारी-बारी से पूजा लौट जाएंगे. 

इस दौरान ढोल नगाड़ा साथ लाने के अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा अलग-अलग मौजा से अधिकतम 5 लोग पैदल न आकर वाहन से आयेंगे. 

पिछले साल भी कोविड की वजह से सरहुल का जुलूस नहीं निकल पाया था. पिछले 52 साल में ऐसा दूसरी बार है जब रांची में शोभायात्रा नहीं निकलेगी. इस बैठक में  सिटी SP सौरभ, रांची अनुमंडल पदाधिकारी समीरा एस भी शामिल थीं।

बैठक के दौरान DC ने कहा कि विभिन्न सरना समितियों को ही समाधान निकालना है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जो आदेश दिया गया है उसे लागू करने में सरना समितियां सहयोग करें. 

कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहते हुए सरकार के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए पर्व मनाएं.

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