एम्बुलेंस थी गांव के बाहर, उस तक पहुंचने से पहले आदिवासी औरत ने दिया बच्चे को जन्म

एम्बुलेंस को बुलाया गया था, लेकिन गांव तक पक्की सड़क न होने की वजह से, एम्बुलेंस गांव से दूर खड़ी थी.

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आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक गर्भवती आदिवासी महिला ने अपने गांव के बाहर खड़ी एम्बुलेंस तक ले जाते समय एक अस्थायी स्ट्रेचर पर ही जन्म दे दिया.

पक्की सड़क के अभाव में एम्बुलेंस उसके घर तक नहीं पहुंच पाई, और गांव के बाहर ही खड़ी रही.

रविवार को गुडा गांव के केरासिंगी पंचायत की आदिवासी महिला निर्मला को प्रसव पीड़ा हुई. परिवार ने तुरंत उसे डिलीवरी के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट करने का फैसला किया.

उसके लिए एक एम्बुलेंस को बुलाया गया था, लेकिन गांव तक पक्की सड़क न होने की वजह से, एम्बुलेंस गांव से दूर खड़ी थी और निर्मला के आने का इंतजार कर रही थी. निर्मला को एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए रिश्तेदारों ने डोली तैयार की.

लेकिन, पहाड़ी और जंगल के बीच खड़ी एम्बुलेंस तक ले जाने के दौरान निर्मला ने बच्चे को जन्म दे दिया.

बाद में उसे एम्बुलेंस की मदद से परशुरामपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य (पीएचसी) केंद्र तक ले जाया गया. मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

आंध्र प्रदेश के आदिवासी इलाकों में लोग मोटर योग्य सड़कों की कमी समेत कई गंभीर बुनियादी सुविधाओं की कमी से पीड़ित हैं. इस घटना ने एक बार फिर आंध्र प्रदेश के आदिवासी इलाकों की दयनीय स्थिति को उजागर कर दिया है.

यह पहली बार नहीं है जब उत्तरी आंध्र प्रदेश के जिलों में किसी गर्भवती महिला या बीमार लोगों को डोली का इस्तेमाल कर अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई हो.

(Photo Courtesy: India Today)

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