HomeInterviewभारत UN में आदिवासी समुदायों की मौजूदगी को स्वीकार नहीं करता है

भारत UN में आदिवासी समुदायों की मौजूदगी को स्वीकार नहीं करता है

संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच से लेकर भारत की संसद तक भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र सांसद राजकुमार रोत अपनी मौजूदगी को दर्ज कराने में कामयाब रहते हैं.

भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र संघ या अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह स्वीकार नहीं करती है कि हमारे देश में कोई आदिवासी समुदाय (indigenous communities) रहती हैं.

संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर जब दुनिया भर के आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि जमा हुए तो उसमें भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत भी शामिल थे.

इस बैठक में उन्होंने बताया कि भारत में गोंड, भील, मुंडा, उरांव और अन्य आदिवासी समुदाय युगों से रहते आए हैं. उन्होंने इस बात पर अफ़सोस भी प्रकट किया कि भारत सरकार इस बात को नहीं मानती है कि आदिवासी ही देश के मूल निवासी हैं.

इस मसले पर मैं भी भारत के संपादक श्याम सुंदर ने उनसे लंबी बातचीत की है. इस बातचीत में कई अन्य मुद्दे भी उठे और उन मुद्दों पर राजकुमार रोत ने अपनी बात रखी.

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