HomeLaw & Rightsकर्नाटक सरकार ने किया आदिवासी और दलितों के पैसे का डायवर्ज़न

कर्नाटक सरकार ने किया आदिवासी और दलितों के पैसे का डायवर्ज़न

आदिवासी और दलित समुदायों के विकास के लिए आवंटित पैसे को अक्सर सरकारे खुद ही इधर-उधर ख़र्च करने की फिराक़ में रहती हैं. इस तरह के मामले लगभग सभी राज्यों में देखे जाते हैं. हाल ही में कर्नाटक में हुआ ऐसा ही एक मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन रहा है

कर्नाटक राज्य सरकार ने आदिवासी और दलितों के विकास का पैसा डायवर्ट कर दिया है.

कर्नाटक सरकार अनुसूचित जाति योजना और अनुसूचित जनजाति उप-योजना यानि ट्राइबल सब प्लान के तहत आवंटित धन का उपयोग अपने चुनावी वादे यानि पांच गारंटी के लिए कर रही है.

इन गारंटियों की घोषणा 2023 में कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों में वादे के तौर पर की थी.

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है SCSP-TSP अधिनियम के तहत आदिवासी और दलितों के लिए आवंटित बजट का उपयोग अन्य योजनाओं के लिए इस्तेमाल कर रही है.

दरअसल, कर्नाटक अनुसूचित जाति उप-आवंटन और जनजातीय-उप-आवंटन अधिनियम, 2013 के सेक्शन (13) के तहत राज्य बजट में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात के मुताबिक अनुदान निर्धारित किया जाता है.

लेकिन सरकार इसका उपयोग चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों के लिए कर रही है.

पूरा मामला जानने के लिए आप यह वीडियो देख सकते हैं.

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