हम जब झारखंड में एक ख़ास खाने की की खोज में निकले, तो घने जंगलों के बीच रास्ता भटक गए. लेकिन कहते हैं न कि कभी-कभी रास्ता खोना ही नए अनुभवों के द्वार खोलता है.
घंटों की मशक्कत और अटूट धैर्य के बाद जब हम अपनी मंजिल पर पहुँचे, तो थकान एक पल में दूर हो गई.
गाँव पहुँचते ही एतवा मुंडा के परिवार ने न केवल हमारा स्वागत किया, बल्कि एक ऐसा खाना खिलाया जो सचमुच में सुपरफूड का बाप कहा जा सकता है.
यहां हमें पता चला कि देसी मुर्गा और मोरिंगा (Moringa) का इतना कमाल का मेल बनता है.

