आंध्र प्रदेश से साइकल कर नैनीताल पहुंचे 20 आदिवासी बच्चे कोरोना पॉज़िटिव, अब कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर है ज़ोर

बच्चों का पॉज़िटिव टेस्ट ऐसे समय पर आया है जब कोरोना का नया स्ट्रेन बच्चों के लिए ख़तरनाक माना जा रहा है. सरकारी गाइडलाइन्स भी यही कहती हैं कि बच्चों को घर पर रहना चाहिए.

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आंध्र प्रदेश से नंगे पैर साइकिल यात्रा कर नैनीताल पहुंचे 20 आदिवासी बच्चे कोविड पॉज़िटिव पाए गए हैं. इन बच्चों का नैनताल में रैपिड एंटीडन टेस्ट किया गया, जिसके बाद इनका यात्रा पर निकलने से पहले टेस्ट न किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

चिल्ड्रन ऑफ फ़ॉरेस्ट पीवीटीजी ग्रुप से 24 लोग का जंगलों को बचाने का संदेश देने के इरादे से इस साइकिल यात्रा पर निकले थे. नैनीताल पहुंचने पर 22 बच्चों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया, जिसमें 20 बच्चों में कोरोना संक्रमण पाया गया. इन सभी बच्चों की उम्र आठ से 15 वर्ष के बीच है.

अब इन सभी बच्चों को अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया है. यह दल आंध्र प्रदेश से छह फ़रवरी को निकला था, और तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश से होते हुए उत्तराखंड पहुंचा.

आंध्र प्रदेश से निकलने के बाद इतने अलग-अलग राज्यों से होते हुए नैनीताल पहुंचे इन आदिवासी बच्चों की किसी राज्य में कोरोना जांच नहीं हुई. इस घटना ने कोरोना के प्रति सरकारी सतर्कता की पोल खोल दी है.

बच्चों का पॉज़िटिव टेस्ट ऐसे समय पर आया है जब कोरोना का नया स्ट्रेन बच्चों के लिए ख़तरनाक माना जा रहा है. सरकारी गाइडलाइन्स भी यही कहती हैं कि बच्चों को घर पर रहना चाहिए.

अब इन बच्चों के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच पर ज़ोर दिया जा रहा है. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है. यह अधिकारी रोज़ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की सूची अपडेट कर जांच में आने वाली दिक्कतों के हल के लिए विभागीय अधिकारियों से समन्वय करेंगे.

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