मध्य प्रदेश में आदिवासियों के ख़िलाफ़ अत्याचार पर आक्रोश, मुख्यमंत्री ने हालात सुधारने के लिए दिया एक हफ़्ता

मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नाराज़गी जताई है, और कहा कि इससे पूरे देश में राज्य की छवि खराब हो रही है. चौहान ने आधिकारियों को एक हफ़्ते का समय दिया है.

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जय आदिवासी युवा संगठन के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र बुधनी से शाहगंज पुलिस स्टेशन तक मार्च किया, और थाने का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर चक्का जाम भी किया.

एसपी मयंक अवस्थी और अतिरिक्त एसपी समीर यादव समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शाहगंज पहुंचकप JAYS नेताओं से बातचीत की.

JAYS एक महीने पहले बेतुल के एक आदिवासी युवक, विनोद, की संदिग्ध मौत की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. शाहगंज थाना क्षेत्र के मछवई गांव में विनोद को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था.

एक ही हफ़्ते में इस आदिवासी युवा समूह का यह दूसरा बड़ा विरोध है. सात सितंबर को नीमच में एक आदिवासी युवक, कन्हैया भील की मौत के विरोध में भी JAYS ने एक विशाल प्रदर्शन किया था.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

एक तरफ़ जहां JAYS का प्रदर्शन चल रहा था, तो दूसरी तरफ़ ख़बर है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृह विभाग के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक कर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दे रहे ते.

सूत्रों के मुताबिक़ मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नाराज़गी जताई है, और कहा कि इससे पूरे देश में राज्य की छवि खराब हो रही है. चौहान ने आधिकारियों को एक हफ़्ते का समय दिया है.

कई घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें नीमच में कन्हैया भील गाड़ी से बांधकर घसीटे जाने की घटना भी है. कन्हैया भील की बाद में मौत हो गई थी.

पिछले 10 दिनों में ही खरगोन में पुलिस हिरासत में एक आदिवासी युवक की मौत और बालाघाट में एक आदिवासी लड़की की हत्या समेत कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.

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