केरल: भारी बारिश और बाढ़ के बीच आदिवासी परिवारों को राहत शिविर लाया गया

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मुदुकाड़ आदिवासी बस्ती के लगभग 100 लोगों को राहत शिविर में शिफ़्ट कर दिया गया है. हालांकि कई परिवार इस बदलाव से खुश नहीं हैं, लेकिन यह सुनिश्चित होने के बाद कि उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों को संबोधित किया जाएगा, उन्होंने प्रशासन का साथ देना शुरु कर दिया है.

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कुछ आदिवासी परिवारों के प्रतिरोध के बावजूद, स्थानीय प्रशासक और बचाव कार्यकर्ता केरल के कोझीकोड जिले में भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों के पास की आदिवासी बस्तियों से वरिष्ठ नागरिकों और बीमार लोगों को वहां से अस्थायी रूप से शिफ़्ट करने में पूरा ज़ोर लगा रहे हैं.

आपको याद होगा कि ज़िला अधिकारियों को इन आदिवासी निवासियों को उनके घरों से शिफ़्ट करने में काफ़ी दिक्कत हो रही थी, क्योंकि यह लोग भूस्खलन और बाढ़ से ज़्यादा जोखिम पुनर्वास में देखते हैं.

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मुदुकाड़ आदिवासी बस्ती के लगभग 100 लोगों को राहत शिविर में शिफ़्ट कर दिया गया है. हालांकि कई परिवार इस बदलाव से खुश नहीं हैं, लेकिन यह सुनिश्चित होने के बाद कि उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों को संबोधित किया जाएगा, उन्होंने प्रशासन का साथ देना शुरु कर दिया है.

स्थानीय आपदा प्रबंधन टीम के निर्देश के बाद पारतोडु बस्ती के कुछ आदिवासी परिवारों को भी राहत शिविर भेज दिया गया है.

वनिमेल पंचायत अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने एडुपिल गांव के लगभग 65 आदिवासी परिवारों के लिए 3.5 करोड़ रुपये की लागत वाली एक बड़ी पुनर्वास परियोजना भी तैयार की है. इसके लिए शॉर्टलिस्ट किए गए लाभार्थियों का पंजीकरण 6 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है. चूंकि पुनर्वास के लिए चुनी गई जगह गांव से सिर्फ़ 500 मीटर दूर है, इसलिए अधिकांश लोगों ने इस प्रस्ताव से सहमति जताई.

इस परियोजना के तहत, हर परिवार को सरकार से 10 लाख रुपए मिलेंगे, जिसमें से 6 लाख रुपए जमीन की लागत के लिए खर्च किए जाएंगे. अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से 2 लाख रुपये के अतिरिक्त योगदान के अलावा बाकि की रकम का इस्तेमाल घरों के निर्माण के लिए किया जाएगा.

इसके अलावा परियोजना, जिसमें खेल का मैदान, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा और पेयजल आपूर्ति शामिल है, को उरालुंगल श्रम अनुबंध सहकारी समिति द्वारा पूरा किया जाएगा.

दूसरी कई आदिवासी बस्तियों में भी जोखिम का मूल्यांकन किया गया है और उचित कार्रवाई के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है.

राज्य के सभी ज़िलों में तेज़ बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बने हुए हैं. ज़्यादातर ज़िलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है. इन हालात में दुर्गम आदिवासी इलाक़ों तक पहुंचना और वहां बचाव कार्य करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है.

अग्निशमन और बचाव सेवाओं के नेतृत्व में स्थानीय बचाव दल, पुलिस और आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को सतर्क कर दिया गया है, और कई दल त्वरित सहायता के लिए जीवन रक्षक उपकरणों के साथ तैयार हैं.

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