आंध्र प्रदेश: 22 आदिवासी परिवारों को सरकारी घर सौंपे गए

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जून 2023 तक राज्य में कोई भी पात्र गरीब परिवार बिना घर के नहीं होगा.

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आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा ज़िले के जक्कमपुडी में 22 आदिवासी परिवारों को जगनन्ना हाउसिंग कॉलोनी के तहत बनाए गए घरों को बुधवार को सौंप दिया गया.

एनटीआर के जिला कलेक्टर एस. दिल्ली राव और मायलावरम विधायक वसंत कृष्ण प्रसाद ने लाभार्थियों और दूसरे अधिकारियों की उपस्थिति में घरों का उद्घाटन किया.

राव ने कहा कि यानाडी समुदाय के 22 आदिवासी परिवारों, जो अब तक झोपड़ियों में रह रहे थे, को सभी सुविधाओं के साथ नए घर सौंपे गए.

हर घर की लागत 3.8 लाख रुपए है, जिसमें से राज्य सरकार के आवास विभाग ने 1.80 लाख रुपए, और आदिम जाति कल्याण विभाग ने 2 लाख रुपए दिए.

इसके अलावा जक्कमपुडी हाउसिंग कॉलोनी में 165 आवासों को स्वीकृती दी गई है, और बाकि 140 घरों का निर्माण विभिन्न चरणों में है. बाकि बचे घरों का निर्माण कार्य अगले दो महीनों में पूरा कर लिया जाएगा.

आंध्र प्रदेश की वाईएसआर सरकार की प्रमुख पेडलैंडारिकी इलू योजना के तहत सभी एपी जगन्नाथ कॉलोनियों में आवास निर्माण का कार्य 3 जून 2021 से शुरू किया गया था. योजना के तहत मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार द्वारा हर ग़रीब परिवार के आवास के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जून 2023 तक राज्य में कोई भी पात्र गरीब परिवार बिना घर के नहीं होगा.

आंध्र प्रदेश सरकार की इस योजना में राज्य सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को दस्तावेजों के साथ 1 से 1.5 सेंट ज़मीन भी आवंटित करेगी.

एपी वाईएसआर जगनन्ना हाउसिंग कॉलोनी योजना के तहत राज्य सरकार 54,000 करोड़ रुपये की लागत से 30 लाख परिवारों को आवास प्रदान करेगी.

EWS वर्ग के लोगों के बीच घरों को वितरित करने के लिए, आंध्र प्रदेश सरकार ने एक नई योजना बनाई है जिसे Pedalandariki Illu Scheme के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत, आंध्र प्रदेश के उन लोगों को मुफ्त घर उपलब्ध कराए जाएंगे जो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं।

इस योजना के तहत समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को मुफ़्त आवास उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को रहने के लिए एक बेहतर घर प्रदान करना है ताकि उन्हें आवास से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े.

इस योजना के तहत बनाए जा रहे घरों में एक किचन, बेडरूम, लिविंग रूम, शौचालय और बरामदा है.

इन घरों के निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता और घरों से संबंधित चीजों पर मुख्य ध्यान दिया गया है. अब तक योजना के तहत क़रीब 15 लाख घर तैयार किए गए हैं.

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