राजस्थान: आदिवासी महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस कांस्टेबल सस्पेंड

पुलिस के मुताबिक दोनों पुलिसकर्मी शुक्रवार को बिना महिला कांस्टेबल के उन्हें गुजरात ले गए. गुजरात जाने से पहले महिला और उसके माता-पिता को गुरुवार रात को पुलिस चौकी में रखा गया, जहां महिला के साथ कांस्टेबल ने कथित तौर पर छेड़खानी की.

0
189

राजस्थान के उदयपुर जिले में एक आदिवासी महिला ने पुलिस के एक कांस्टेबल पर पुलिस चौकी में छेड़छाड़ और परेशान करने का आरोप लगाया. दरअसल रविवार को यह जानकारी मिली थी कि जिले के आदिवासी बाहुल्य पानरवा थाना क्षेत्र में पुलिस की ओर से महिला के साथ दुर्व्यहार किया गया. इसके बाद आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.

अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी की उदयपुर जिले में एक आदिवासी महिला से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है जबकि एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) को मामले के सिलसिले में पुलिस लाइन भेजा गया है.

उदयपुर में संबंधित पुलिस सर्कल अधिकारी ने कहा, “23 दिसंबर को, कांस्टेबल और एएसआई एक 28 वर्षीय विवाहित शिकायतकर्ता और उसके माता-पिता को 2017 के लापता महिला मामले के सिलसिले में गुजरात ले गए. शिकायतकर्ता लापता महिला का दोस्त है. प्रथम दृष्टया से ऐसा लगता है कि जब दो पुलिस वाले उन्हें गुजरात ले गए तो उनके साथ कोई महिला कांस्टेबल नहीं थी.”

पुलिस को शक था कि महिला चार साल से लापता एक बच्ची के ठिकाने के बारे में जानती थी. लेकिन इस मामले की जांच के दौरान पुलिस की ओर से महिला के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया. पुलिस सर्कल अधिकारी ने कहा कि महिला ने आरोप लगाया कि 23 दिसंबर की रात को उसके साथ छेड़छाड़ की गई.

सर्कल अधिकारी ने कहा, “महिला ने आरोप लगाया है कि 23 दिसंबर को एक पुलिस चौकी पर कांस्टेबल द्वारा उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी. यह घटना कथित तौर पर गुजरात से लौटने के बाद हुई, महिला और उसके माता-पिता को पुलिस चौकी में रखा गया था. कांस्टेबल पर महिला के पिता के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है. अगले दिन ये ग्रुप फिर से गुजरात गया और यात्रा से लौटने के बाद घर भेज दिया गया.”

उदयपुर के अतिरिक्त एसपी अनंत कुमार ने बताया कि कांस्टेबल के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

इस मामले में झाडोल (उदयपुर) के बीजेपी विधायक बाबूलाल ने आरोप लगाया कि आरोपी कांस्टेबल ने आदिवासी महिला से छेडछाड के अलावा पुलिस चौकी में महिला और उसके पिता के साथ मारपीट भी की.

उन्होंने बताया, ‘‘पुलिस ने शुरू में मामला दर्ज नहीं किया और मुझे मामला दर्ज करवाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्हें (महिला और उसके माता-पिता को) कांस्टेबल की निजी एसयूवी वाहन में बिना महिला कांस्टेबल के ले जाया गया. पीड़ित महिला को रात को पुलिस चौकी में रखा गया. पुलिस ने कई नियमों का उल्लंघन किया है.’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here