झाबुआ में आदिवासी युवक ने की धर्मांतरण की शिकायत, पादरी समेत तीन लोग गिरफ्तार

बिशप रेवरेंड पॉल मुनिया ने पीटीआई से कहा कि धर्मांतरण के मुद्दे पर ईसाई समुदाय को बदनाम करने के लिए आदिवासी बहुल इलाके में अभियान चलाया जा रहा है.

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कथित तौर पर एक धर्म परिवर्तन मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने झाबुआ जिले से एक कैथोलिक पादरी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने कहा कि झाबुआ में एक आदिवासी व्यक्ति को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की कोशिश करने के आरोप में एक पादरी और दो अन्य लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया.

कल्याणपुरा थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया कि तेतिया बरिया (26) की शिकायत पर पादरी जाम सिंह (45) और अन सिंह निनामा (35) और मंगू भूरिया (42) के रूप में पहचाने जाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. तेतिया बरिया ने दावा किया है कि उन्होंने रविवार को उसे ईसाई बनाने की कोशिश की.

दिनेश रावत ने कहा, “बरिया ने दावा किया है कि उन्हें रविवार को तीनों द्वारा एक प्रार्थना घर में आमंत्रित किया गया था, जहां उस पर पानी छिड़का गया और बाइबल पढ़ी गई. बरिया ने यह भी आरोप लगाया कि तीनों ने उनसे कहा कि उनके परिवार को धर्मांतरण के बाद मुफ्त स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मिलेगी. हालांकि बरिया वहां से निकल गया.”

अधिकारी ने कहा कि जाम सिंह, अन सिंह निनामा और मंगू भूरिया पर मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत आरोप लगाए गए हैं.

इस बीच झाबुआ शालोम सूबा (पेंटेकोस्टल) के सहायक बिशप बिशप रेवरेंड पॉल मुनिया ने पीटीआई को बताया कि धर्मांतरण के मुद्दे पर ईसाई समुदाय को बदनाम करने के लिए आदिवासी बहुल इलाके में अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य राजनीतिक लाभ है. कुछ संगठन आदिवासियों को बांट रहे हैं. हमारा एक पादरी और दो धर्मालंबी (तीनों ईसाई) आदिवासी हैं और किसी भी व्यक्ति को धर्म बदलने के लिए प्रलोभन देने के किसी भी प्रयास में शामिल नहीं हुए हैं. हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे उत्पीड़कों को क्षमा करें.

दरअसल झाबुआ एक आदिवासी बहुल जिला है, जहां पर पिछले दिनों ईसाई मिशनरियों के खिलाफ कथित तौर पर धर्मांतरण की घटनाओं और पुलिस कार्यवाई के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है.

पिछले दिनों झाबुआ में कथित धर्मांतरण के कई मामले सामने आए हैं. इससे पहले नवंबर 2021 में, आदिवासी समाज सुधारक संघ के संयोजक आजाद प्रेम सिंह डामोर ने विश्व हिंदू परिषद की छत्रछाया में 56 ईसाई मिशनरियों के खिलाफ कार्रवाई करने और आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित संवैधानिक रूप प्रावधानों का लाभ उठाने से रोकने के लिए जिला अधिकारियों को पत्र लिखा था.

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट-2021 के तहत मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा 15, दिसंबर तक कुल 62 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से 8 मामले ईसाइयों के खिलाफ हैं.

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