हत्या और बलात्कार मामले में एफ़आईआर तक नहीं, आदिवासी एसपी ऑफिस पर डटे

प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों ने आरोप लगाया कि संजू पटेल ने धान के खेत में काम करने के दौरान कुछ नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ की थी. जब विनोद उके ने पटेल के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो गुंडों के एक झुंड ने उके पर हमला कर दिया. इस हमले में उके ने दम तोड़ दिया.

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मध्य प्रदेश के सीहोर में बैतूल से आए सैकड़ों आदिवासियों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. दरअसल बैतूल से आए इन आदिवासियों का कहना है कि रेप और हत्या के मामले में आरोपी संजू पटेल और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर नहीं होने पर वो बैतूल से सीहोर आए हैं. 

आदिवासियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी के सामने धरने पर बैठे हैं. पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दे रहे लोगों ने बताया कि वे बैतूल जिले के घोड़ाडोगरी क्षेत्र के दुल्हारा गांव के रहने वाले हैं. वे दैनिक मजदूरी पर काम करते हैं. 

गुस्साए आदिवासियों ने पुलिस को बताया कि शाहगंज थाना क्षेत्र के मछवई गांव में एक व्यक्ति संजू पटेल ने कुछ आदिवासी लड़कियों को छेड़ा था. जब एक लड़की के भाई विनोद उके ने पटेल के आचरण पर आपत्ति जताई तो उसकी हत्या कर दी गई.

घटना के बाद जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन, कांग्रेस आदिवासी विकास परिषद, आदिवासी छात्र संगठन और नाजी संगठन ने घटना के जांच की मांग की.

प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों ने आरोप लगाया कि संजू पटेल ने धान के खेत में काम करने के दौरान कुछ नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ की थी. जब विनोद उके ने पटेल के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो गुंडों के एक झुंड ने उके पर हमला कर दिया. इस हमले में उके ने दम तोड़ दिया.

आदिवासियों का कहना है कि हमने कई बार थाना प्रभारी से संजू पटेल और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी. जिसके चलते हम सीहोर में आदिवासी दल के लोग जयस के नेतृत्व में एसपी ऑफिस के सामने अपनी मांग को लेकर अड़े हैं.

मामले पर जयस अध्यक्ष का कहना है कि एसपी ऑफिस में अभी तक किसी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया है. इससे साबित होता है कि आरोपी संजू का संबंध सत्ताधारी दल के किसी बड़े नेता से है. जयस के कार्यकताओं का कहना है कि जब तक एसपी हमारी बात नहीं सुनेंगे तब तक हम एसपी कार्यालय के सामने से नहीं हटेंगे. 

कोतवाली थाने के नगर निरीक्षक नलिन बधौलिया ने ग्रामीणों को विरोध प्रदर्शन बंद करने की सलाह दी. क्योंकि शीर्ष स्तर के पुलिस अधिकारियों को उनकी मांग के बारे में सूचित किया गया था.

पुलिस अधीक्षक एसएस चौहान ने कहा कि उन्हें घटना की शिकायत मिली है और उन्होंने उपमंडल अधिकारी को तीन दिन मेंमामले की जांच करने को कहा है.

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