देवास में आदिवासी महिला की पिटाई,  कंधे पर पति को बैठाकर जुलूस निकला

पुलिस ने कहा कि महिला तीन-चार दिनों से लापता थी और बाद में वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ मिली. इससे उसका पति और समुदाय के लोग भड़क गए और उन्होंने कानून अपने हाथ में लेकर उसे दंडित करने का फैसला किया.

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मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में भीड़ एक महिला का जुलूस निकाल रही है. एक आदमी महिला के कंधे पर बैठा हुआ है और साथ में चल रहे लोग नारे लगा रहे हैं. कभी महिला को गाली दे रहे हैं, कभी उसे मार रहे हैं. वीडियो में दिख रहा है कि जुलूस के बाद महिला को एक चौराहे पर ले जाकर, कई सारे पुरुष उसे पीट रहे हैं.

महिला को लोग घूसों से, लात से, बेल्ट और डंडे से मार रहे हैं. कुछ लोग उसके बाल खींच रहे हैं तो किसी ने धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. लेकिन इसके बावजूद उसे कोई उठाता नहीं है. हालांकि कुछ लोग उस पर हो रहे हमलों को रोकने की कोशिश करते हैं. इसके बाद जूते की माला उसके गले में डालकर उसे फिर से पूरे गांव में घुमाया जाता है.

ये सब इस महिला के साथ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कथित तौर पर उसक अपनी शादी के इतर भी संबंध थे.

घटना मध्य प्रदेश के देवास जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर उदयनगर थाना क्षेत्र के बोरपडाव गांव में हुई. मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने महिला के कपड़े भी फाड़ दिए और उसके साथ दुर्व्यवहार किया.

पुलिस के मुताबिक गांव वालों के सामने महिला का पति उसकी बेरहमी से पिटाई करता दिखाई दिया और बाद में महिला को अपने पति को कंधों पर उठाकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. गांव वाले उस पर जूतों की माला डालते नजर आए.

पुलिस ने कहा कि महिला तीन-चार दिनों से लापता थी और बाद में वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ मिली. इससे उसका पति और समुदाय के लोग भड़क गए और उन्होंने कानून अपने हाथ में लेकर उसे दंडित करने का फैसला किया.

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सरकार को घेरा है. उन्होंने ट्वीट किया, “शिवराज जी मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि प्रदेश में आदिवासी महिलाओं पर इस कदर के बर्बर जुल्म क्यों हो रहे हैं? आखिर क्या वजह है कि आप घोषणाएं करते जाते हैं और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार बढ़ते जाते हैं?

यह पहला मामला नहीं है, कभी नेमावर में आदिवासी परिवार को जमीन में जिंदा गाड़ दिया जाता है, कभी नीमच में एक आदिवासी को जीप से बांधकर घसीटकर कर मार डाला जाता है. बहुत से मामलों में इस तरह के जुल्म करने में भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ भी सामने आ चुका है.

आप आदिवासियों के नाम पर नौटंकी करते रहते हैं और आदिवासियों की हालत दिन पर दिन खराब होती जाती है. शिवराज जी मैं अपने आदिवासी भाई बहनों की स्थिति पर शर्मसार हूं, क्या आपको भी शर्म आती है?”

पुलिस ने सोमवार को कहा कि पीड़िता के पति सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर मारपीट, दंगा करने, एक महिला के साथ खराब व्यवहार करने और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है. घटना रविवार की बताई गई लेकिन सोमवार को इसका खुलासा हुआ.

देवास के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने कहा, “महिला एक सप्ताह पहले लापता हो गई थी. उसके पति ने उदय नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. हाल ही में, उसे पता चला कि महिला एक आदमी के घर में रह रही थी. महिला का पति वहां पहुंचा और उसे ग्रामीणों के सामने घसीटा. बाद में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई.”

सूर्यकांत शर्मा ने कहा, “ग्रामीणों ने उसे जूते की एक माला पहनने के लिए मजबूर किया और उसे अपने पति को ले जाने के लिए मजबूर किया. चार ग्रामीणों ने महिला को पति को ले जाने और गांव में चलने में मदद की.”

बाद में महिला के दोस्त ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. महिला ने पुलिस को सूचित किया कि उसकी 15 साल की उम्र में शादी हो गई थी और उसका पति उसे प्रताड़ित करता था इसलिए वह भाग गई.

पुलिस 11 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147 (दंगा करने की सजा), 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल), 294 (अश्लील भाषा का इस्तेमाल), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाने की सजा), 452 (घर में अतिचार), 509 (महिला की मर्यादा का अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी), के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रही है.

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