आंध्र प्रदेश: आदिवासी इलाक़ों के लिए बनेगा एक और ज़िला, रामपचोडावरम होगा मुख्यालय

नए जिले के गठन का रास्ता साफ हो जाने के बाद राज्य में जिलों की कुल संख्या 27 हो जाएगी. सरकार ने सोमवार को ही राज्य में ज़िलों का विस्तार कर 13 नए ज़िले बनाए थे, जिससे ज़िलों की कुल संख्या 26 हो गई थी.

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आंध्र प्रदेश सरकार आदिवासी इलाक़ों के लिए रामपचोडावरम को मुख्यालय बनाकर एक और जिला बनाने पर विचार कर रही है.

सरकार ने पहले से ही आदिवासी एजेंसी क्षेत्रों के लिए दो विशेष जिलों का निर्माण किया है – अल्लूरी सीताराम राजू जिला और पार्वतीपुरम मान्यम जिला. इन दो ज़िलों में जो विशाखापत्तनम, विजयनगरम और पूर्वी गोदावरी जिलों के पूरे आदिवासी गांवों को शामिल किया गया है.

रामपचोडावरम आदिवासी क्षेत्र के लोगों ने अपने गांवों के अल्लूरी सीताराम राजू (पडेरू) जिले में विलय का कड़ा विरोध जताया था, क्योंकि अधिकांश बस्तियां जिला मुख्यालय पडेरू से लगभग 200 किमी दूर स्थित थीं. आदिवासियों को इसी तरह की समस्या का सामना तब भी करना पड़ा था जब उनका इलाक़ा पूर्वी गोदावरी जिले में था.

आदिवासियों के विरोध और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को रामपचोडावरम के लिए एक और जिला बनाने के प्रस्ताव को तैयार करने का निर्देश दिया है.

नए जिले के गठन का रास्ता साफ हो जाने के बाद राज्य में जिलों की कुल संख्या 27 हो जाएगी. सरकार ने सोमवार को ही राज्य में ज़िलों का विस्तार कर 13 नए ज़िले बनाए थे, जिससे ज़िलों की कुल संख्या 26 हो गई थी.

अल्लूरी सीताराम राजू जिला तीन विधानसभा क्षेत्रों – आरकू (एसटी), पडेरू (एसटी) और रामपचोडावरम (एसटी) के साथ बनाया गया था. 9.54 लाख की आबादी वाला यह जिला लगभग 12,251 वर्ग किमी में फैला हुआ है. इसी तरह, चार विधानसभा क्षेत्रों – सलुरु (एसटी), पार्वतीपुरम (एससी), कुरुपम (एसटी) और पलकोंडा (एसटी) के साथ पार्वतीपुरम मान्यम जिला बनाया गया था. 9.72 लाख की आबादी वाला यह जिला 3935 वर्ग किमी में फैला हुआ है.

यानि अल्लूरी जिला पार्वतीपुरम जिले से लगभग तीन गुना ज़्यादा बड़ा है. इससे साफ़ हो जाता है कि सिर्फ तीन विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद अल्लूरी जिला काफ़ी बड़ा इलाक़ा कवर कर रहा है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों जिलों की आबादी लगभग समान है.

सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पेर्नी वेंकटरामैया (नानी) का कहना है कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी आदिवासी एजेंसी क्षेत्रों के लिए एक और जिला बनाना चाहते हैं. इसके बारे में एक औपचारिक निर्णय जल्द ही लिया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि आदिवासी लोगों को जिला मुख्यालय जाने में परेशानी न हो. नया ज़िला बनाने के पीछे यही सबसे बड़ी वजह है.

इसके अलावा अल्लूरी जिले को आरकू और पडेरू विधानसभा क्षेत्रों तक ही सीमित रखते हुए, रामपचोडावरम और पोलावरम के साथ एक नया एसटी विधानसभा क्षेत्र मिलाकर एक नया जिला बनाए जाने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने अल्लूरी जिला कलेक्टर सुमित कुमार को नए जिलों के बनने के बाद हफ़्ते में दो दिन रामपचोडावरम से काम करने का निर्देश दिया है.

वाईएसआर कांग्रेस की आदिवासी एजेंसी इलाक़ों पर शुरु से ही मजबूत पकड़ रही है. पार्टी ने लगातार हर चुनाव में एजेंसी इलाक़ों में लगभग सभी सीटों पर जीत हासिल की है.

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