आदिलाबाद: बेहतर इलाज की तलाश में इलाक़े के आदिवासी

एजेंसी इलाक़ों में अधिकांश PHC सिर्फ़ फ़र्स्ट एड दे सकते हैं. इससे बड़े इलाज के लिए रोगियों को RIMS जैसे अस्पतालों में भेजा जाता है. एजेंसी इलाक़ों के पीएचसी और उत्नूर एरिया अस्पताल में सुविधाओं की भारी कमी है.

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कोविड काल में देशभर के आदिवासी उचित चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं. तेलंगाना के आदिलाबाद ज़िले के एजेंसी इलाक़ों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उत्नूर एरिया अस्पताल में डॉक्टरों की कमी ने आदिवासियों की स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.

उत्नूर एरिया अस्पताल पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा था. अब यहां के डॉक्टरों को राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (RIMS) और दूसरे अस्पतालों में डेप्युटेशन पर भेज दिया गया है. इससे इलाक़े के आदिवासियों को काफ़ी परेशानी हो रही है.

एक अखबार में छपी ख़बर के मुताबिक़ एजेंसी इलाक़ों में अधिकांश PHC सिर्फ़ फ़र्स्ट एड दे सकते हैं. इससे बड़े इलाज के लिए रोगियों को RIMS जैसे अस्पतालों में भेजा जाता है. एजेंसी इलाक़ों के पीएचसी और उत्नूर एरिया अस्पताल में सुविधाओं की भारी कमी है.

हाल ही में उत्नूर एरिया अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 50 से दोगुनी कर 100 कर दी गई थी, लेकिन चिकित्सा कर्मचारी और अधिकारी मरीज़ों का सही इलाज नहीं कर पा रहे हैं.

इन हालात में यहां के आदिवासी निवासियों की मांग है कि डेप्युटेशन पर भेजे गए डॉक्टरों को सरकार तुरंत वापस बुलाए.

2011 की जनगणना के हिसाब से आदिलाबाद ज़िले की कुल आबादी का 31 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा आदिवासी है. इलाक़े के 3.5 लाख आदिवासियों में गोंड और कोलम आदिवासी समुदाय प्रमुख हैं.

(फ़ोटो प्रतीकात्मक है)

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