आंध्र प्रदेश: अनकपल्ली जिले में जाति प्रमाण पत्र मिलने में देरी के कारण आदिवासी छात्रों को हो रहा नुकसान

लोगों का कहना है कि हाल के तबादलों के चलते हमारी फाइल पर ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि वे पिछले एक महीने से मी-सेवा केंद्र का दौरा कर रहे हैं. लगभग 50 लोगों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था.

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आंध्र प्रदेश के अनकपल्ली जिले के रविकमथम मंडल के आदिवासियों ने रविवार को मांग की कि उनके बच्चों को जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए. उन्होंने शिकायत की कि मी-सेवा (Mee-Seva) में आवेदन करने के एक महीने बाद भी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है, जिससे बच्चों को स्कूलों में शामिल होने में परेशानी हो रही है.

आदिवासियों ने कहा, “राजस्व अधिकारी का तबादला होने के चलते संबंधित अधिकारी इस मुद्दे को लेकर उदासीन हैं.”

साथ ही उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप की मांग की है. राजस्व अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पी कोटनबिल्ली, रायपाडु, पेड़ा गुरुवु, अजयपुरम और दोरावानीपालम के आदिवासियों ने कहा कि जब भी वे राजस्व कार्यालय जाते हैं तो वे हर बार वही जवाब सुनते हैं कि जाति प्रमाण पत्र लंबित नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि हाल के तबादलों के चलते हमारी फाइल पर ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि वे पिछले एक महीने से मी-सेवा केंद्र का दौरा कर रहे हैं. लगभग 50 लोगों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था.

जिला गिरिजन संघम के अध्यक्ष के गोविंदा राव ने कहा, “स्कूल शुरू हो गए हैं लेकिन जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं. जाति प्रमाण पत्र जारी करने में राजस्व अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है. जिससे आदिवासी बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है. हॉस्टल में बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है. अगर उनके पास कास्ट सर्टिफिकेट होता तो उन्हें कोई समस्या नहीं होती.”

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