भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) और ओवैसी का गुजरात में गठबंधन, कांग्रेस और बीजेपी को पटकने का प्लान

छोटु भाई वसावा ने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान बचाने की लड़ाई है. वो चाहते हैं कि आदिवासियों के हक़ की बात कही जानी चाहिए.

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गुजरात में आगामी स्थानीय चुनाव के लिए आज भारतीय ट्राइबल पार्टी (Bhartiya Tribal party) असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM ने गठबंधन का ऐलान कर दिया है. इस सिलसिले में बीजेपी के नेता छोटु भाई वसावा और AIMIM के नेताओं ने एक प्रैस कॉंफ्रेस कर इस गठबंधन की घोषणा की है. बीटीपी नेता छोटु भाई वसावा और महेश वसावा वर्तमान में गुजरात विधानसभा के सदस्य हैं. छोटु वसावा झगड़िया के विधायक हैं जबकि महेश वसावा डेडियापाडा से पार्टी के विधायक हैं. 

आज की प्रैस कॉंफ्रेंस में AIMIM की तरफ़ से औरंगाबाद से पार्टी सांसद इम्तियाज़ अली और पार्टी के प्रवक्ता वारिस पठान मौजूद थे.

बीटीपी ने हाल ही में राजस्थान के डूंगरपुर में स्थानीय निकायों के चुनाव में शानदारी जीत हासिल की थी. लेकिन कांग्रेस और बीजेपी ने हाथ मिला कर बीटीपी के चुने प्रतिनीधियों को ज़िला पंचायत में पद पाने से रोक दिया. अब फरवरी-मार्च में गुजरात में जिला पंचायत और तहसील पंचायतों के चुनाव होने हैं.

छोटु भाई वसावा, महेश भाई वसावा के साथ AIMIM सांसद इम्तियाज़ अली और वारिस पठान

छोटु भाई वसावा ने कहा है कि बीटीपी और AIMIM गुजरात में होने जा रहे पंचायत चुनाव एक साथ लड़ेगी. उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को हटाने के लिए काम करना होगा. इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में भी पार्टी को धोखा दिए जाने की बात कही. विधायक ने कहा कि बीटीपी को राजस्थान (Rajasthan) में धोखा मिला क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस एक साथ आ गईं थीं, ताकि बीटीपी को सत्ता से दूर रखा जा सके.

इसके अलावा उन्होंने ओवैसी को गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए बुलाने की भी बात कही है. छोटु भाई वसावा कहा है कि बीजेपी की राज्य और केन्द्र दोनों जगह पर सरकार है. लेकिन गुजरात के आदिवासी इलाक़ों में अनुसूचि 5 का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है. उन्होने स्थानीय सांसद मनसुख भाई वसावा पर आरोप लगाया कि उन्होने आदिवासी आबादी के अधिकारों के लिए कुछ नहीं किया है.

छोटु भाई वसावा ने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान बचाने की लड़ाई है. वो चाहते हैं कि आदिवासियों के हक़ की बात कही जानी चाहिए. 

इस गठबंधन में कौन सी पार्टी कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगी, यह अभी तय नहीं हुआ है. इस संबंध में छोटु भाई वसावा का कहना था कि दोनों पार्टियों के नेता बैठ कर जल्दी ही यह भी तय लेंगे. छोटु भाई वसावा ने यह भी इशारा किया कि राज्य के विधान सभा चुनाव में भी इस गठबंधन पर विचार हो सकता है. 

असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान में बीटीपी को समर्थन देने की पेशकश की थी. इसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि ओवैसी राजस्थान की सियासत में आने की कोशिश में हैं. ओवैसी ने एक ट्वीट के जरिए बीटीपी को समर्थन पेश किया था. गौरतलब है कि बीटीपी ने हाल ही में अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.

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