अरुणाचल प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी फिल्म फेस्टिवल शुरू

फेस्टिवल आज यानि शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में शुरू हुआ है. फिल्मों को पिक्चरटाइम के एमडीएमटी (मोबाइल डिजिटल मूवी थियेटर) में दिखाया जा रहा है.

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अरुणाचल प्रदेश अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी फिल्म फेस्टिवल (International Tribal Film Festival) की मेजबानी करने के लिए तैयार है.

इस फेस्टिवल में आदिवासी और गैर-आदिवासी फिल्म निर्माताओं द्वारा विभिन्न भाषाओं में फिल्में दिखाई जाएंगी.

इन फिल्मों को अरुणाचल प्रदेश सरकार ने क्यूरेट किया है. फिल्म समारोह निदेशालय, और केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के समर्थन से दो दिवसीय इस फेस्टिवल में, आदिवासी कला और संस्कृति से जुड़ी फिल्में और डॉक्यूमेंट्री पेश की जाएंगी.

फेस्टिवल आज यानि शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में शुरू हुआ है. फिल्मों को पिक्चरटाइम के एमडीएमटी (मोबाइल डिजिटल मूवी थियेटर) में दिखाया जा रहा है.

फेस्टिवल में आदिवासी फिल्मों के महत्व और पूर्वोत्तर में शूटिंग के अवसरों पर चर्चा भी होगी. फिल्म समारोह के दौरान इलाके के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता साउंड डिजाइनर देबजीत गायन के साथ भी एक चर्चा होगी.

असमिया फिल्म ‘सेमखोर’, जो दिमासा भाषा में है, ‘क्रॉसिंग ब्रिज’, जिसने 2013 में शेरटुकपेन भाषा में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था, ‘ए डॉग एंड हिज मैन’, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता खासी भाषा की फिल्म ‘ओनाटाह’, 2021 में बनी द्विभाषी मणिपुरी फिल्म ‘नाइन हिल्स वन वैली’, और ‘मा.अमा’, जो राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली पहली गारो फिल्म – सब फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएंगी.

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