आदिवासी औरत को जलाने की घटना पर बीजेपी से कड़वे सवाल

गुना के पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक घटना राजधानी भोपाल से 200 किलोमीटर दूर बमोरी थाना क्षेत्र के धनोरिया गांव में शनिवार की दोपहर को हुई. पीड़िता की पहचान रामप्यारी सहरिया के रूप में हुई है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

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मध्य प्रदेश के बामोरी में एक आदिवासी महिला को जला कर मारने की कोशिश की गई. यह भयावह अपराध का मामला प्रदेश स्तर पर मुद्दा बन रहा है. मनावर विधायक हीरालाल अलावा ने इस घटना को बर्बर बताया. सीएम को लिख पत्र में उन्होंने कहा कि नीमच, नमावर, खरगोन, बिस्टान के बाद बमोरी में हुई यह घटना बताती है कि सरकार आदिवासियों की रक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है. इससे इस समुदाय में भारी आक्रोश है.

सीएम को लिखे पत्र में हीरालाल ने कहा कि इस बर्बरतापूर्ण हत्या का प्रयास करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही हो और मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्टट्रैक कोर्ट का गठन कर पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले.

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने रविवार को बीजेपी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में एक आदिवासी को मैदान में उतारने वाली पार्टी के शासन वाले राज्य में एक आदिवासी महिला को जलाया जाता है.

जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘एक पार्टी जो द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव के लिए खड़ा करती है, वह एक आदिवासी महिला पर इस तरह के भयानक अत्याचार होने देती है. शर्मनाक.’’

रविवार को मध्य प्रदेश के गुना जिले में भूमि विवाद को लेकर 45 वर्षीय आदिवासी महिला को आग लगाने की घटना सामने आई थी. पीड़ित महिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि वह 80 फीसदी जल गई है और हालत गंभीर है. अब तक इस मामले में दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

गुना के पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार पांच आरोपियों की पहचान प्रताप धाकड़, हनुमंत धाकड़, श्याम धाकड़, अवंती बाई और सुदामा बाई के रूप में हुई है.

श्रीवास्तव ने कहा कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

गुना के पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक घटना राजधानी भोपाल से 200 किलोमीटर दूर बमोरी थाना क्षेत्र के धनोरिया गांव में शनिवार की दोपहर को हुई. पीड़िता की पहचान रामप्यारी सहरिया के रूप में हुई है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

धनोरिया गांव निवासी रामप्यारी के पति 52 वर्षीय अर्जुन सहरिया ने पुलिस को बताया कि उसके पास साढ़े छह बीघा जमीन पट्टे पर है लेकिन उसी गांव के रहने वाले प्रताप, हनुमंत और श्याम सभी अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे थे.

एसपी ने कहा, “नायब तहसीलदार बमोरी ने मई में जमीन का आकलन किया और अर्जुन को जमीन का कब्जा दे दिया. लेकिन दो जुलाई को तीनों धाकड़ वहां सोयाबीन की फसल बोने पहुंचे.”

एसपी ने कहा, “प्रताप धाकड़, हनुमत धाकड़ और श्याम धाकड़ ने रामप्यारी पर डीजल डाला और उसे आग लगा दी. दोपहर करीब ढाई बजे अर्जुन खेत पर गए तो पत्नी को चिल्लाते हुए देखा. उसने बताया कि तीनों आरोपियों ने डीजल डालकर आग लगा दी। अर्जुन ने अपनी पत्नी को जिला अस्पताल पहुंचाया.”

एसपी ने कहा, “हमने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है.”

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