महाराष्ट्र के सतपुड़ा के घने जंगलों से श्याम सुंदर लेकर आए हैं Tribal Kitchen का एक और ज़ायकेदार और जीवंत एपिसोड.
पवित्र नर्मदा नदी के शांत किनारों पर शूट किया गया यह एपिसोड सिर्फ़ भोजन नहीं, बल्कि जंगल और वहाँ के लोगों की आत्मा को भी दर्शाता है.
शानदार प्राकृतिक लोकेशन और उत्साह से भरे माहौल के बीच टीनसमल गाँव के आदिवासी मित्र एक बड़ा दावा करते हैं — महाराष्ट्र की देसी मुर्गी का स्वाद बेमिसाल है, यहाँ तक कि कड़कनाथ से भी बेहतर. मध्य प्रदेश के झाबुआ की प्रसिद्ध कड़कनाथ को लेकर प्रवीण पवार बेबाकी से कहते हैं कि उसे ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. जंगल से उठी यह सीधी और तीखी बहस खाने के स्वाद को और दिलचस्प बना देती है.
यह एपिसोड कच्चे ज़ायकों, आदिवासी ज्ञान, हंसी-मज़ाक और साफ़-साफ़ राय से भरपूर है — जहाँ खाना सिर्फ़ लकड़ी की आग पर नहीं, बल्कि कहानियों और दोस्ती के साथ पकता है. जो लोग मानते हैं कि भोजन ही संस्कृति है, उनके लिए यह एपिसोड ज़रूर देखने लायक है.

