अरुणाचल के तागीन आदिवासी समुदाय ने मनाया सी-डोनी त्यौहार

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अरुणाचल प्रदेश के सबसे प्रमुख आदिवासी समुदायों में से एक, तागीन समुदाय ने गुरुवार यानि 6 जनवरी को सी-डोनी (Si-Donyi) उत्सव मनाया. राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और राज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (Retd.) ने ‘सी-डोनी’ पर तागीन समुदाय को शुभकामनाएं दीं.

‘सी-डोनी’ उत्सव बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है. इसे समुदाय और मानव जाति की शांति और भलाई के लिए मनाया जाता है. जनवरी के महीने में हर साल मनाया जाने वाला यह उत्सव नए साल की शुरुआत का प्रतीक भी है.

‘सी-डोनी’ दो शब्दों से बना है. ‘सी’ जिसका मतलब है पृथ्वी, और ‘डोनी’ जिसका मतलब है सूरज. यह तागीन जनजाति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करता है. यह उत्सव तागीन समुदाय के रीति-रिवाजों, परंपराओं और संस्कृति को संजो के रखने में मदद करता है, और पूरी दुनिया को इनकी झलक दिखाता है.

सी-डोनी हर साल 4 से 6 जनवरी के बीच मनाया जाता है. इस दौरान निबू या स्थानीय पुजारी सी और डोनी को पूजता है. पूरे समुदाय की समृद्धि, समाज के लोगों को बुरी आत्माओं से बचाने और अच्छी फ़सन के लिए प्रार्थना की जाती है.

बांस और लकड़ी से बना एक मंच तैयार किया जाता है, जिसे पत्तियों और बांस से बनी चीज़ों से सजाया जाता है. इसके अलावा समुदाय के पुरुष और महिलाएं पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, और नृत्य करते हैं. नृत्यों में चुंगने, कोनी बोकार, रिआबू, और ताकार घेने शामिल हैं.

त्यौहार का अंत देवताओं को मिथुन की बलि देकर किया जाता है, जबकि उत्सव कई हफ़्तों तक जारी रहता है.

(सभी तस्वीरें पेमा खांडू के ट्विटर से ली गई हैं.)

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