बस्तर के कॉलेजों में सीट बढ़ाने की माँग, सभी छात्रों को मिलना चाहिए दाख़िला

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्रामीण इलाक़ों में लॉक डाउन के दौरान पढ़ाई लगभग ठप्प थी. आदिवासी इलाक़ों में इंटरनेट कमज़ोर होने की वजह से छात्रों को पढ़ने और सीखने का पूरा मौक़ा नहीं मिला है. इस वजह से इन छात्रों के कम नंबर आए हैं. जिस वजह से इन बच्चों को कालेज में दाख़िला मुश्किल हो रहा है.

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छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर में कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में शिक्षा और स्कूलों की स्थिति के मसले पर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में ज़िले की 18 पंचायतों के 68 गांवों के लोगों ने एक रैली निकाली. 

इस रैली का आयोजन पालक बालक संघर्ष समिति एवं बेरोजगार संघ के बैनर तले किया गया. रैली के बाद एक सभा में बोलने वाले लोगों ने कहा कि पहले भी इस सिलसिले में प्रशासन को कई ज्ञापन सौंपे गए हैं. 

प्रदर्शन में शामिल औरतें

इस प्रदर्शन में शामिल लोगों और संगठनों ने अपनी माँगो में कई मुद्दे शामिल किए हैं. इनमें हायर सेकेन्डरी स्कूल कोयलीबेड़ा में सत्र 2021 में 12वीं पास 61 विद्यार्थी एवं सिकसोड़ हायर सैकेन्डरी स्कूल के 38 विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला देने की माँग शामिल है.

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्रामीण इलाक़ों में लॉक डाउन के दौरान पढ़ाई लगभग ठप्प थी. आदिवासी इलाक़ों में इंटरनेट कमज़ोर होने की वजह से छात्रों को पढ़ने और सीखने का पूरा मौक़ा नहीं मिला है.

इस वजह से इन छात्रों के कम नंबर आए हैं. जिस वजह से इन बच्चों को कालेज में दाख़िला मुश्किल हो रहा है. 

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि सरकार को कोयलीबेड़ा में कॉलेज खोलना चाहिए. इसके साथ ही यहाँ के कॉलेज में स्थानीय छात्रों में 33 प्रतिशत से 100 प्रतिशत पाने वाले सभी विद्यार्थियों को स्थानीय कॉलेज में एडमिशन देने का प्रावधान करने की माँग की गई है.

इस प्रदर्शन में 68 गाँवों के लोग शामिल बताए गए हैं

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा है कि  अंतागढ़, पखांजुर, दुर्गकोन्दल, भानुप्रतापपुर समेत बस्तर इलाक़े के सभी महाविद्यालयों में सीट बढ़ाई जाएँ. जिससे की सभी छात्रों को कॉलेज में पढ़ने का अवसर मिल सके.

इसके अलावा इस प्रदर्शन में बस्तर विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने की चर्चा पर भी नारंगी ज़ाहिर की गई है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बस्तर विश्वविद्यालय का नाम नहीं बदला जाना चाहिए. 

इस सिलसिले में चर्चा है कि बस्तर विश्वविद्यालय का नाम बदल कर महेन्द्र कर्मा के नाम पर रखने पर विचार चल रहा है.

इसके अलावा प्री मैट्रीक बालिका छात्रावास कोयलीबेड़ा में ख़राब क्वालिटी का 50 सीटर का भवन  बनाने वाले ठेकेदार एवं कर्मचारी पर कार्रवाई किए जाने की माँग भी की गई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस बिल्डिंग की तुरंत मरम्मत कर बालिका छात्रावास को चालू किया जाना चाहिए. 

कोयलीबेड़ा क्षेत्र के आश्रम, हास्टल को खोलने, एडमिशन लेने, बालिका आश्रम कोयलीबेड़ा में कक्षा 01 से 05 तक 100 सीट बढ़ाने, कक्षा 06 से 10 तक 100 सीट बढ़ाने आदि के अलावा 29 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया. 

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