आँखें फोड़ कर उल्टा ज़मीन में गाड़ा, आदिवासी नेता अनिल उराँव की जघन्य हत्या

शव मिट्टी में गड़ा हुआ था और पैर बाहर निकला हुआ था. इस शव को देखने के बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. शव पर कई जगह जख्म के निशान हैं और दोनों आंख फोड़ दी गई हैं.

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बिहार में तीन दिन पहले अपहृत लोजपा के प्रदेश नेता अनिल उरांव की हत्या कर दी गई है. ख़बरों के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 10 लाख की फिरौती वसूलने के बावजूद अनिल उराँव की हत्या कर दी.

इस आदिवासी नेता का शव रविवार सुबह केनगर थाना क्षेत्र के डंगराहा गांव में मिला. 

शौच करने गई महिला ने देखा शव मिट्टी में गड़ा हुआ था और पैर बाहर निकला हुआ था.  इस शव को देखने के बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. शव पर कई जगह जख्म के निशान हैं और दोनों आंख फोड़ दी गई हैं. 

शुक्रवार की रात अपहर्ताओं ने मृत नेता के स्वजन से 10 लाख रुपये फिरौती वसूल ली थी.  

इसके बाद भी आदिवासी नेता अनिल उराँव को छोड़ने के बजाय उनकी हत्या कर दी गई. 

शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजन और लोजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में कई चौक-चौराहे को जाम किया. हंगामा कर रहे लोग पुलिस पर घटना में किसी तरह का मदद नहीं करने का आरोप लगा रहे थे. 

लोगों का आक्रोश देख कई थाने की पुलिस क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में पहुंची हुई है. शनिवार को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था. 

अपहरण की घटना के बाद से ही अपराधियों के पकड़े नहीं जाने से लोगों में आक्रोश सुलग रहा था. 

शुक्रवार की रात फिरौती का रुपया लेने के 12 घंटा बाद भी अपहृत को नहीं छोड़ने पर अक्रोशित लोगों ने शनिवार सुबह रोड़ जाम किया. इसके अलावा प्रदरर्शनकारियों ने कई जगह पर प्रदर्शन किया और कुछ वाहनों को आग लगा दी. 

पुलिस के खिलाफ जामकर नारेबाजी कर रहे लोगों को समझाकर पुलिस ने 12 घंटे में शव बरामद कर अपराधियों के गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था.

कई बार अपहरणकर्ताओं द्वारा फोन करने के बाद भी पुलिस अपहरणकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाना पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है.

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